हेल्थ एंड वेलनेस

गर्मी का कहर: डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों से बढ़ी चिंता, जानिए कैसे रखें खुद को सुरक्षित

उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर असर डालने लगी है। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम्स में डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा देखा जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि पानी की कमी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह स्थिति गंभीर रूप भी ले सकती है।

डिहाइड्रेशन क्या है?

जब शरीर में जरूरत से कम पानी रह जाता है और शरीर अपने सामान्य कार्यों को ठीक से नहीं कर पाता, तो उसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है। इसके लक्षणों में सिर दर्द, चक्कर, थकावट, मुंह सूखना और उल्टियां शामिल हैं। गर्मियों में शरीर पसीने के ज़रिए ज्यादा पानी खोता है। अगर हम समय पर और पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थों का सेवन नहीं करते हैं, तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। यही कारण है कि इन दिनों अस्पतालों में डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

डॉक्टर क्या सलाह दे रहे हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल पानी पीना ही काफी नहीं है। शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स और जरूरी मिनरल्स भी चाहिए होते हैं, जो केवल पानी से नहीं मिलते। डॉक्टरों ने नारियल पानी, ओआरएस, फलों का रस, ग्लूकोज़ ड्रिंक और खजूर जैसे मिनरल युक्त विकल्पों को शामिल करने की सलाह दी है।

डिहाइड्रेशन से बचने के उपाय

नियमित रूप से पानी पीएं: प्यास लगने का इंतज़ार न करें। हर कुछ घंटों में पानी पीते रहें।

नारियल पानी और जूस लें: यह हाइड्रेशन के साथ-साथ मिनरल्स की पूर्ति भी करते हैं।

धूप से बचें: बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। निकलना ही पड़े तो छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें।

हल्के और ढीले कपड़े पहनें: ताकि शरीर की गर्मी आसानी से बाहर निकल सके।

तेज गर्मी में बाहर व्यायाम न करें: और अगर कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

गर्मी का प्रकोप अभी थमा नहीं है, ऐसे में डिहाइड्रेशन जैसी स्थिति से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है। समय रहते सावधानी बरतें और खुद को तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

Related Articles

Back to top button