मीडिया को सच्ची पत्रकारिता से जोड़ने की जरूरत-प्रो. इकरामुद्दीन


उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी में उर्दू सहाफत के दौ सौ साल विषय पर तीन दिवसीय सेमीनार शुरू
लखनऊ फोकस न्यूज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार से ‘उर्दू सहाफत के दौ सौ साल’ विषय पर तीन दिवसीय सेमीनार शुरू हुआ। इसके पहले सत्र के उद्घाटन भाषण में प्रो. ख्वाजा मो. इकरामुद्दीन ने कहा कि आज की तारीख में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भाषाओं के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि आज मीडिया ने पत्रकारिता को खत्म कर दिया है। मीडिया में आधा सच दिखाया जा रहा है। आधे सच वाली खबरें, खबरें नहीं बल्कि विज्ञापन हैं और पूरी झूठी खबरे वो हैं जो हमारे ओर आपके सरोकार की होती हैं। आज जरूरत है कि मीडिया को सच्ची पत्रकारिता से जोड़ा जाए।

रिटायर्ड आईएएस अफसर एवं ख्वाजा मुईनुद्दीन हसन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अनीस अंसारी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि किस प्रकार आगे उर्दू के विकास के लिए कार्य किया जाना चाहिए।
इससे पहले उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के चेयरमैन कैफुलवरा अंसारी और सचिव एस.एम. आदिल हसन ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर समाही पत्रिका 50 साला विशेषांक का विमोचन और उर्दू पत्रकारिता में विशिष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। सम्मानित किए गए पत्रकारों में अहमद इब्राहीम अल्वी, उबैद उल्लाह नासिर, सुहैल अंजुम, मासूम मुरादाबादी शामिल रहे।
इस मौके पर उपस्थित प्रमुख लोगों में प्रो. क़ाज़ी अफ़ज़ाल हुसैन, प्रो. शारिब रूदौलवी, प्रो. सैय्यद वसीम अख्तर (चांसलर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी) आदि प्रमुख रहे। कार्यक्रम का संचालन उमैर मंज़र ने किया।




