उत्तर प्रदेश

‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के 50 दिन पूरे, यूपी में 28 हजार से अधिक बिना लक्षण वाले मरीजों की हुई पहचान

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश को पूरी तरह से क्षय रोग (टीबी) से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ अपने आधे सफर यानी 50 दिन पूरे कर चुका है। इन पहले 50 दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने जमीनी स्तर पर तकनीक और जन-भागीदारी के दम पर अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष ने अभियान की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि इस अभियान के तहत अब तक 28 हजार से अधिक ऐसे लक्षणविहीन (एसिम्प्टोमैटिक) टीबी मरीजों की पहचान की गई है, जिनमें बीमारी के कोई सामान्य लक्षण नहीं दिख रहे थे। समय रहते इनका पता चलना राज्य में संक्रमण की श्रृंखला (Chain of Infection) को तोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।

अभियान के पहले 50 दिनों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ (प्रमुख आंकड़े)

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक जैसे हैंडहेल्ड एक्स-रे और एआई (AI) आधारित डायग्नोस्टिक्स के प्रभावी उपयोग से जमीन पर बड़े पैमाने पर काम हुआ है:

जांच एवं पंजीकरण का विवरण कुल संख्या / आंकड़े
कुल लोगों की सक्रिय स्क्रीनिंग 22 लाख से अधिक
कराए गए एक्स-रे (X-Ray) टेस्ट 15 लाख से अधिक
कराई गईं आधुनिक नैट (NAT) जांचें 4 लाख से अधिक
निक्षय पोर्टल पर नोटिफाई नए मरीज (उपचार शुरू) 96 हजार से अधिक
चिह्नित लक्षणविहीन (Asymptomatic) मरीज 28 हजार से अधिक

गांव-गांव पहुंचे ‘आयुष्मान आरोग्य शिविर’

राज्य के दूरदराज और संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विशेष कैंपों का सहारा लिया गया:

  • प्रदेश भर में अब तक 11 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है।

  • इन शिविरों के माध्यम से 9 लाख से अधिक ग्रामीणों ने मुफ्त स्वास्थ्य परामर्श और पैथोलॉजी जांच सेवाओं का सीधा लाभ उठाया है।

जन-आंदोलन बना अभियान: 4 हजार नए ‘निक्षय मित्र’ जुड़े

इस अभियान को पूरी तरह से सामाजिक सरोकार और जन-आंदोलन का रूप दिया गया है।

  • पोषण सहायता: अभियान के दौरान करीब 4 हजार नए निक्षय मित्रों ने अपना पंजीकरण कराया है, जो टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। अब तक 1 लाख से अधिक पोषण किट मरीजों को बांटी जा चुकी हैं।

  • जनप्रतिनिधियों का साथ: अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 300 से अधिक सांसदों व विधायकों, 12 हजार से अधिक पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के प्रतिनिधियों और 3 हजार से अधिक नगरीय निकाय (ULB) के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है। इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों, सोशल मीडिया और माइकिंग के जरिए युवाओं और ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।

अगले 50 दिनों का क्या है मास्टरप्लान?

अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बताया कि अभियान के अगले चरण (शेष 50 दिनों) में स्वास्थ्य विभाग की टीमें उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों (High-Risk Zones) और संवेदनशील आबादी (मलीन बस्तियों, खदानों में काम करने वाले मजदूरों आदि) पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगी। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का एक भी संभावित मरीज जांच और मुफ्त इलाज से वंचित न रहे, ताकि निर्धारित समय से पहले “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प को साकार किया जा सके।

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