देश

Health Update: 350 तक पहुंच जाए शुगर तो क्या करें? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

Lucknow Focus News Desk: खाना खाने के बाद ब्लड शुगर का बढ़ना आम बात है, लेकिन जब इसका स्तर 350 mg/dL तक पहुंच जाए तो यह चिंता की बात बन जाती है। अक्सर मरीज और उनके परिवारजन यह सोचते हैं कि क्या यह स्थिति खतरनाक है और इससे कैसे निपटा जाए। इस सवाल का जवाब देने के लिए देश के वरिष्ठ डायबिटीज विशेषज्ञों ने जरूरी जानकारी साझा की है।

इंसुलिन की भूमिका और समस्या की जड़ क्या है?

दिल्ली के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर बताते हैं कि शरीर में जब पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता या इंसुलिन रेसिस्टेंस की समस्या होती है, तो ब्लड में मौजूद ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाता। कई बार यह इंसुलिन शरीर की फैट सेल्स (एडिपोसाइट्स) में फंसा रह जाता है, जिससे यह सक्रिय नहीं हो पाता और ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ने लगता है।

इंसुलिन कैसे बनता है शरीर में?

बेसल सेक्रेशन – यह खाली पेट यानी उपवास की स्थिति में भी इंसुलिन बनाता है।

बोलस सेक्रेशन – यह खाने के तुरंत बाद सक्रिय होता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति केक, मिठाई या अन्य हाई-ग्लाइसेमिक फूड्स खाता है, तो ब्लड शुगर अचानक तेज़ी से बढ़ सकता है। इसके अलावा स्टेरॉयड युक्त दवाओं का सेवन, अत्यधिक तनाव और कुछ गंभीर बीमारियाँ भी शुगर लेवल को असामान्य रूप से बढ़ा सकती हैं।

डायबिटीज स्पेशलिस्ट की राय

विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट या मीठे पदार्थों का सेवन करने पर शुगर लेवल 350 mg/dL तक पहुंच सकता है। इसके पीछे वजह यह भी हो सकती है कि मरीज ने समय पर इंसुलिन या ओरल मेडिसिन नहीं ली हो, या फिर डोज़ में गलती हो गई हो।

ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाए तो क्या करें?

डॉक्टर अनुसार, ऐसे मामलों में लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी है। उन्होंने कुछ अहम सुझाव दिए।

कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजें खाएं जैसे – ओट्स, हरी सब्जियां, फलियां आदि।

पोषक तत्वों से भरपूर और संतुलित आहार लें।

नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

दवाओं का सेवन समय पर करें और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।

अगर ब्लड शुगर अचानक 350 mg/dL तक पहुंच जाए, तो घबराएं नहीं लेकिन इसे हल्के में भी न लें। संतुलित आहार, अनुशासित जीवनशैली और नियमित इलाज से इस स्थिति को संभाला जा सकता है। समय रहते डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

Related Articles

Back to top button