आज का भारत आत्मविश्वास से भरा, हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम: CM योगी

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और हर चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा, “दुनिया ने देखा कि हमने पाकिस्तान की मांद में घुसकर जवाब दिया। यह नया भारत है, विकसित भारत है, जो न किसी को छेड़ता है और न ही किसी को छोड़ता है।”
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 49 प्रवक्ताओं और 494 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि “बदलते भारत में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक नवाचार करें, समय पर विद्यालय पहुंचे और कक्षाओं को बच्चों के लिए रोचक बनाएं। उनका आचरण छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने के लिए सिफारिश की जरूरत नहीं है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है। उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से पहले माध्यमिक शिक्षा की स्थिति खराब थी, लेकिन अब सरकार के नवाचारों के चलते पूरी व्यवस्था में व्यापक सुधार आया है।
नवीन सुधार और परियोजनाएं
माध्यमिक शिक्षा विभाग की मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने बताया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चयन की प्रक्रिया के तहत अब तक 8423 अध्यापक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 34,074 अध्यापकों की नियुक्ति की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु 508 करोड़ रुपये तथा संस्कृत विद्यालयों के लिए 14 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
एनसीईआरटी पाठ्यक्रम और परीक्षा सुधार
प्रदेश सरकार ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने हेतु एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों के पूल और मानदेय आधारित शिक्षकों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “प्रदेश में अब नकलविहीन परीक्षा कराना संभव हुआ है।” नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को साकार रूप देने हेतु विभाग कार्य योजना पर तेजी से काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आगाह करते हुए कहा, “कोई सफलता स्थायी नहीं होती, कार्य के प्रति सजग रहना जरूरी है। कई अधिकारी सिर्फ लापरवाही के चलते जेल तक पहुंच गए हैं। शिक्षक समय से विद्यालय आएं, समय से कक्षा लें।” उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों को एक महीने में परीक्षा संपन्न कराने और समय से परिणाम घोषित करने के लिए धन्यवाद भी दिया। क्या आप चाहते हैं कि इस समाचार का कोई विशिष्ट भाग सोशल मीडिया के लिए छोटा और आकर्षक रूप में तैयार किया जाए?




