अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना, बोलीं- प्रभु श्रीराम को नमन और भारत मां का वंदन

Lucknow Focus News Desk: राम नगरी अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर के द्वितीय तल पर ‘श्रीराम यंत्र’ की विधिवत स्थापना की। इस दौरान उन्होंने न केवल रामलला के दर्शन किए, बल्कि उनकी आरती उतारकर देश की खुशहाली की कामना भी की।
“सबमें राम समाएं” का दिया दिव्य संदेश
दोपहर करीब 2:50 बजे मंदिर परिसर से बाहर निकलते समय राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में आध्यात्मिक और सामाजिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने “घट-घटवासी राम, मुझमें राम, तुझमें राम” का संदेश देते हुए कहा कि राम हर कण में व्याप्त हैं।
सांस्कृतिक गौरव: राष्ट्रपति ने कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह सौभाग्य का पल आया है। राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
अभिवादन: कार्यक्रम के बाद जब राष्ट्रपति का काफिला एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ, तो सड़क किनारे खड़े हजारों श्रद्धालुओं का उन्होंने हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी दीं शुभकामनाएं
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि करोड़ों रामभक्तों के त्याग से आज यह ‘राष्ट्र मंदिर’ बनकर तैयार हुआ है। अयोध्या अब वैश्विक चेतना का केंद्र बन चुकी है। सीएम योगी ने दुनिया भर में चल रहे युद्धों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ दुनिया अशांत है और दूसरी तरफ हम ‘रामराज्य’ की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज का युवा अपनी संस्कृति से जुड़ रहा है, इसीलिए नववर्ष पर वह कहीं और जाने के बजाय मंदिरों की ओर रुख कर रहा है।
राष्ट्रपति के संबोधन की प्रमुख बातें
“आज अयोध्या में होना मेरे जीवन को कृतार्थ करने वाला पल है। श्रीराम को नमन करना और भारत माँ का वंदन करना, हमारे लिए एक जैसा ही है। आइए संकल्प लें कि हम भारत माता के सम्मान और वैभव को शिखर पर ले जाएंगे।”
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