किसान बनाम ट्रेड डील: राहुल गांधी ने की किसान संगठनों से मुलाकात, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी

Lucknow Focus News Desk: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को संसद भवन परिसर में उन्होंने देश भर से आए प्रमुख किसान नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस मुलाकात का स्पष्ट संदेश था—सरकार की इस ‘ट्रेड डील’ के खिलाफ अब सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
‘अन्नदाताओं की रोजी-रोटी पर संकट’
राहुल गांधी का आरोप है कि केंद्र की मोदी सरकार ने इस समझौते के जरिए किसानों के हितों को दांव पर लगा दिया है। बैठक के दौरान राहुल ने कहा कि यह डील न केवल किसानों की आजीविका छीनेगी, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा (Food Security) को भी कमजोर करेगी। खासकर मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे उगाने वाले किसानों ने इस समझौते को लेकर गहरी चिंता जताई है।
विशेषाधिकार प्रस्ताव और FIR का डर नहीं
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार को चुनौती दी। उन्होंने साफ कहा मुझ पर FIR हो, मुकदमा दर्ज हो या सरकार विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए मैं किसानों के लिए लड़ता रहूंगा। जो भी समझौता किसानों की रोटी छीनेगा, वह किसान विरोधी है। हम मोदी सरकार को अन्नदाताओं के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे।
बैठक में कौन-कौन से नेता रहे मौजूद?
इस महत्वपूर्ण चर्चा में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दिग्गज किसान नेता शामिल हुए, जिनमें सुखपाल सिंह खैरा (प्रमुख, अखिल भारतीय किसान कांग्रेस) अशोक बलहारा (भारतीय किसान मजदूर यूनियन, हरियाणा) बलदेव सिंह जीरा (बीकेयू क्रांतिकारी) गुरमनीत सिंह मंगत (किसान मजदूर मोर्चा – भारत)और अन्य प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा
कांग्रेस पार्टी के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा इस समझौते के खिलाफ एक संगठित राष्ट्रीय आंदोलन खड़ा करना था। किसान नेताओं का मानना है कि विदेशी उत्पादों के लिए बाजार खोलने से भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा। राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष इस लड़ाई में किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है।
