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दिवाली 2026: पटाखों का धुआं न बिगाड़ दें सेहत का मजा, अस्थमा और बीपी के मरीज ऐसे रखें अपना ख्याल

Lucknow Focus News Desk: दीपावली का पावन पर्व खुशियों, रोशनी और स्वादिष्ट पकवानों का प्रतीक है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इस त्योहार की रौनक को फीका कर सकती है। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में इस दौरान बढ़ता वायु प्रदूषण और खानपान में अनियमिताएं गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को न्योता दे सकती हैं। पटाखों के जहरीले धुएं और अत्यधिक मीठे व तले-भुने खानपान के बीच पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

किन बीमारियों के मरीजों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क?

  1. अस्थमा और सीओपीडी (COPD) के मरीज

    • खतरा: पटाखों से निकलने वाला धुआं, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और हवा में मौजूद पीएम 2.5 (PM2.5) व पीएम 10 के बारीक कण सांस की नलियों में सूजन और गंभीर जलन पैदा करते हैं।

    • बचाव: अस्थमा और सांस के मरीज प्रदूषण बढ़ने पर बाहर निकलने से बचें, हमेशा अपना इनहेलर साथ रखें और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें।

  2. हार्ट (दिल) के मरीज

    • खतरा: प्रदूषण के महीन कण फेफड़ों से होते हुए रक्त वाहिकाओं तक पहुंचकर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं। इसके अलावा, त्योहार में अत्यधिक तला-भुना और वसायुक्त भोजन खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

    • बचाव: ज्यादा नमक और फैट वाले पकवानों से परहेज करें, प्रदूषण के समय बाहर एक्सरसाइज करने से बचें और नियमित रूप से अपनी दवाएं लेते रहें।

  3. डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज

    • खतरा: त्योहारों के दौरान मिठाइयों, पकवानों और मीठे पेय पदार्थों की भरमार होती है। इनमें मौजूद रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और शुगर ब्लड में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ा सकते हैं। समय पर दवा न लेना भी स्थिति बिगाड़ सकता है।

    • बचाव: पारंपरिक चीनी वाली मिठाइयों से दूरी बनाएं और यदि जरूरी हो तो सीमित मात्रा में शुगर-फ्री विकल्पों का चुनाव करें। समय-समय पर अपना ब्लड शुगर चेक करते रहें।

  4. हाई ब्लड प्रेशर और किडनी के मरीज

    • खतरा: दिवाली पर नमकीन, चिप्स और पापड़ जैसी चीजें अधिक खाई जाती हैं, जिनमें सोडियम (नमक) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और शरीर में पानी जमा होने की समस्या हो सकती है। किडनी के मरीजों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि उनकी किडनी अतिरिक्त सोडियम को बाहर नहीं निकाल पाती है।

    • बचाव: अपने आहार में नमक की मात्रा सीमित रखें, पैकेटबंद स्नैक्स से दूर रहें और डॉक्टर की दी गई डाइट का सख्ती से पालन करें।

त्योहार की सच्ची खुशी तभी है जब आप और आपका परिवार पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ रहे। थोड़ी सी सजगता और संयम बरतकर आप इस दीपावली को सुरक्षित और आनंदमय बना सकते हैं।

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