उत्तर प्रदेश

आपका सबका साथ, अनवर जलालपुरी को सच्ची श्रद्धांजलि : हर्ष वर्धन अग्रवाल

लखनऊ फोकस ब्यूरो

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास”, मंत्र की प्रेरणा से, हेल्प यू एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व संरक्षक पद्मश्री स्व. अनवर जलालपुरी जी को समर्पित, फखरूद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी तथा हेल्प यू एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम “मुशायरा” का आयोजन ऑडिटोरियम, जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, विनीत खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ में किया गया |

मुशायरा का शुभारंभ राष्ट्रगान तथा तुरज जैदी, अध्यक्ष, फखरूद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी, हर्ष वर्धन अग्रवाल, संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट तथा डॉ रूपल अग्रवाल, न्यासी, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने दीप प्रज्वलन करके किया l

इस मौके पर हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि, “पद्मश्री स्वर्गीय अनवर जलालपुरी, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व संरक्षक थे वह उर्दू अदब के बड़े नामों में से एक थे I अनवर जलालपुरी उर्दू शायरी के बगीचे का एक ऐसा गुलाब थे जिसकी ख़ुशबू जलालपुर की सरहदों को पार कर पूरी दुनिया में फैली और अपनी शायरी की शाब्दिक जादूगरी से लोगों के दिलों को महकाया। आज का यह कार्यक्रम हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा अनवर जलालपुरी को समर्पित है तथा आज के इस कार्यक्रम में पधारे हुए हमारे सम्मानित अतिथि परम आदरणीय तूरज जैदी, अध्यक्ष, फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी, आदरणीय एस० मनाज़िर आदिल हसन, सचिव, फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी, अपनी शेर और शायरी से महफिल को सजाने आए हुए हमारे सभी आदरणीय शायर, हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी डॉ रूपल अग्रवाल तथा आंतरिक सलाहकार समिति के सदस्य, स्वयंसेवकों, प्रेस और मीडिया से पधारे हुए सभी मीडिया कर्मियों का हार्दिक अभिनंदन स्वागत हैI

 

तुरज़ जैदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि, फखरूददीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी का गठन सन 1976 में उर्दू के विकास, उत्थान एवं प्रचार प्रसार हेतु हुआ था । इस संस्था का उद्देश्य पूरे भारत वर्ष में विभिन्न महत्वपूर्ण, उपयोगी लाभकारी योजनाओ के माध्यम से उर्दू भाषा को उन्नति की ओर ले जाना है । इसी अनुक्रम में देश के लगभग 100 विश्वविधालयो के उर्दू प्रभाग से पत्राचार एवं सम्पर्क बनाये रखा जाता है । उर्दू विषय में टापर छात्रों व उर्दू से सम्बद्ध शोध कार्यों के लिए पुरस्कार सहायता स्वरूप पर्याप्त धनराशि प्रदान की जाती है । सम्पूर्ण देश के उर्दू साहित्यकारो, लेखको आदि की पुस्तकों को प्रकाशित कराए जाने हेतु पर्याप्त सहायता दी जाती है। तात्पर्य यह है कि कमेटी द्वारा ऐसे कार्य एवं योजनाओं का संचालन कराया जा रहा है। जिससे पूरे भारत वर्ष के उर्दू प्रेमियो एवं उर्दू जगत के लोगो को लाभ प्राप्त हो सके । उनके मनोबल एवं विश्वास में वृद्धि हो I

 

आज की शाम शायरी और कविता की जो महफ़िल सजी हुई है इस महफिल के रूह ए रवा हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक व प्रबंध न्यासी भाई हर्ष वर्धन अग्रवाल हैं जो पिछले दस वर्षों से हिन्दी उर्दू साहित्य की सेवा के साथ साथ समाज के सभी वर्गों के विकास और सहायता में अपने ट्रस्ट की तरफ से निरंतर अपना योगदान दे रहे हैं I हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के सामजिक उत्थान के कार्यों की सराहना करते हुए गीतों के कवि पद्मभूषण गोपाल दास नीरज, पद्मश्री अनवर जलालपुरी तथा अनूप जलोटा जी ने ट्रस्ट का संरक्षक बनना स्वीकार किया I

 

हर्ष वर्धन अग्रवाल ने इस मुशायरे में शिरकत के लिए मुझसे बहुत पहले चर्चा की थी तब मैंने कहा कि, मैं आप की हर सम्भव मदद अपनी फखरूद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी की तरफ से करने के लिए तैयार हूँ I तो आज का प्रोग्राम हेल्प यू ट्रस्ट एवं फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है I

 

इस मुशायरे की सबसे अहम बात ये है कि ये मुशायरा उर्दू हिन्दी अदब की उस अज़ीम शख्सियत के नाम मनसूब है जिसे साहित्य की दुनिया में लोग अनवर जलालपुरी के नाम से जानते हैं I

अनवर जलालपुरी साहब ने मुशायरों की शायरी और निजामत से हटकर उर्दू अदब की बहुत बड़ी खिदमत की है I उन्होंने श्रीमद् भागवत गीता, को जहां उर्दू शायरी में नज़्म किया वहीं पर पवित्र क़ुरआन शरीफ़ के तीसवें पारा अम का उर्दू में मजूम किया और पैग़म्बर ए इस्लाम हज़रत मोहम्मद साहब के जीवन को शायरी में कलमबंद किया I

अनवर जलालपुरी साहब ने अपने पूरे पचास वर्षों के साहित्यिक जीवन में समाज के सभी वर्गों को भाईचारा, प्रेम, मोहब्बत के साथ रहने और देश की एकता को जोड़ कर रखने का पैग़ाम दिया I आज इस कार्यक्रम के जरिये अनवर साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं व उर्दू साहित्य को फलक तक पहुँचाने व उर्दू शेर ओ शायरी में उनके द्वारा दिए गए योगदान को सादर नमन करते हैं I

मुशायरे में आमंत्रित शायर ख़ुशबीर सिंह शाद (जालंधर से), अज़्म शाकरी (एटा से), शारिक कैफी (बरेली से), पवन कुमार (लखनऊ से), मनीष शुक्ला (लखनऊ से), प्रो. (डॉ.) अब्बास रज़ा ‘नय्यर जलालपुरी’ (लखनऊ से), डॉ. तारिक़ क़मर (लखनऊ से) तथा डॉ. भावना श्रीवास्तव (वाराणसी से), जैसे मक़बूल शोरा, शायरात और कवियों ने शिरकत कीl कार्यक्रम की सदारत खुशबीर सिंह शाद ने की तथा निज़ामत प्रो. (डॉ.) अब्बास रज़ा (नय्यर जलालपुरी) ने कीI

मुशायरा कार्यक्रम की महफ़िल को सजाते हुए शायरों द्वारा प्रस्तुत की गयी शायरी :

ख़ुशबीर सिंह शाद ने…

ये किस हवस में गिर गए अपने वक़ार से,

चिपके हुए हो हर तरफ़ इक इश्तिहार से,

निकले थे तुम तो वक़्त के पत्थर को काटने,

फिर कैसे कुंद हो गए इक तेज़ धार से…

अज़्म शाकरी ने…

बड़ी सर्द हैं हवाएं शबए ग़म पिघल रही है,

वो धुऑ सा उठ राहा है कोई शाख़ जल रही है,

मुझे एक लाश केह कर न बहाओ पानिओं में,

मिरा हाथ छू के देखो मिरी नब्ज़ चल रही है…

शारिक कैफी ने…

हुश्यारी का मोल चुकाता रहता हूं,

नादानों से धोके खाता रहता हूं,

ले आता हूं हर रिश्ते को झगड़े तक,

फिर झगड़े से काम चलाता रहता हूं…

 

पवन कुमार ने…

जरा सी चोट को महसूस करके टूट जाते हैं,

सलामत आने रहते हैं चेहरे टूट जाते हैं,

गुजारिश अब बुजुर्गों से यही करना मुनासिब है,

ज्यादा हों जो उम्मीदें तो बचे टूट जाते हैं…

 

मनीष शुक्ला ने…

इश्क़ नाकाम हो तभी अच्छा,

दर्द ईनाम हो तभी अच्छा,

बेसबब शेर मत कहा कीजे,

कोई पैग़ाम हो तभी अच्छा…

 

प्रो. (डॉ.) अब्बास रज़ा नय्यर ने…

तुझ को कैसे करूं बयाँ अनवर । मेरे अश्कों को दे ज़बाँ अनवर ॥

जिसकी मिट्टी में है तेरी मिट्टी । वो ज़मीं भी है आस्माँ अनवर ॥…

 

डॉ. तारिक़ क़मर ने…

अपने हाथों की लकीरों से उलझता हुआ मैं ।

और फिर मेरे मुक़द्दर से निकलते हुए तुम।

पुश्त में मेरी उतरता हुआ ख़ंजर कोई ।

और फिर मेरे बराबर से निकलते हुए तुम ।…

 

डॉ. भावना श्रीवास्तव ने…

नींद आते ही कोई हमको जगा देता है,

दूर से आती है आवाज़ कहा तक पहुचे |…

मुशायरा कार्यक्रम के अंत में हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी हर्ष वर्धन अग्रवाल ने सभी का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया | कार्यक्रम का संचालन नवल शुक्ला ने किया I

 

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