सर्वोच्च न्यायालय ने दी यूपी में निकाय चुनाव की इजाजत


नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव मामले में सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को प्रदेश सरकार को चुनाव करवाने की इजाजत दे दी। प्रदेश सरकार ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा-माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा ओबीसी आयोग की रिपोर्ट स्वीकार कर ओबीसी आरक्षण के साथ नगरीय निकाय चुनाव कराने का आदेश स्वागत योग्य है। विधि सम्मत तरीके से आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार समयबद्ध ढंग से नगरीय निकाय चुनाव कराने हेतु प्रतिबद्ध है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर ही उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का उचित प्रावधान करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था। जिसने कुछ दिनों पहले राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को सौंपी थी, जिसके अध्ययन के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला दिया।
इसके पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य की योगी सरकार सर्वोच्च न्यायालय गई थी और न्यायालय ने यह निर्देश दिया था कि वह पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण की स्थिति सुनिश्चित करने के बाद ही निकाय चुनाव करवाए। इसके बाद राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति राम सूरत सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग गठित किया था।
सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में क्या फैसला देता है इस पर राज्य सरकार की मशीनरी, नेताओं और चुनाव लड़ने के आकांक्षी उम्मीदवारों की आंखें लगी थीं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद महापौर, नगरपालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष की सीटों पर नए सिरे से आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा।
(फोटो साभार-सोशल मीडिया)