एक अप्रैल का दिन हो सकता है शिवराज सिंह चौहान के लिए खास


लखनऊ फोकस ब्यूरो
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए एक अप्रैल का दिन बेहद खास हो सकता है। ऐसा पार्टी के एक वर्ग का मानना है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल दौरे पर आने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार के भोपाल दौरे से राज्य भाजपा का यह तबका काफी उत्साहित है।
प्रधानमंत्री शनिवार एक अप्रैल को भोपाल में तीन दिवसीय संयुक्त सैन्य कमांडर सम्मेलन के समापन सम्मेलन में शामिल होने और भोपाल-नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने आ रहे हैं।
इस यात्रा को लेकर एक वर्ग बहुत उत्साहित है। यह वह वर्ग है जो ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट का है, इसे पूरी उम्मीद है कि किसी भी समय उनके ‘महाराज’ की सीएम पद पर ताजपोशी की घोषणा हो सकती है। क्योंकि भाजपा के अंदरूनी सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि अगर ‘मामा’ के नेतृत्व में प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ा गया तो भाजपा सत्ता में नहीं आ पाएगी। शिवराज चौहान भ्रष्टाचार के आरोपों से बुरी तरह घिरे हैं। उनके खिलाफ सत्ताविरोधी रुझान भी है, यह बात भी कांग्रेस के पक्ष में जा रही है। ऐसे में कांग्रेस सत्ता में आ सकती है। उधर, सत्ताच्युत होने के बाद कांग्रेस लगातार अपने को सांगठनिक स्तर पर मजबूत करने में लगी है (पिछले विधानसभा चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आए थे और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे। शिवराज सिंह चौहान की सरकार बाद में जोड़-तोड़ से बनाई गई थी)।
विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं लेकिन अभी तक भाजपा हाईकमान ने ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं कि चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ही पार्टी के मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। दिल्ली के राजनीतिक हलकों में यह बात तेजी से फैली हुई है कि मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार (यह शायद अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार हो) में शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुलाकर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। बदले में केंद्रीयमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। राज्य के सिंधिया गुट का एक कदम आगे चलकर कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बैठाने का वादा करके ही भाजपा में लाया गया था। इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो ज्योतिरादित्य ही जानें लेकिन पार्टी हाईकमान उनके चेहरे पर भरोसा करके उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर शिवराज के खिलाफ बने माहौल को कम या खत्म करने की कोशिश कर सकता है।
एक अप्रैल को प्रधानमंत्री अपने भोपाल दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में संकेत या फिर बात कर सकते हैं। या फिर चर्चा के लिए शिवराज को दिल्ली बुला सकते हैं। ऐसे में एक अप्रैल का दिन शिवराज सिंह चौहान के लिए बेहद खास है।
