लोकभवन में मेधावियों का सम्मान: सीएम योगी ने लेखा परीक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

Lucknow Focus News Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी के लोकभवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा नव चयनित लेखा परीक्षकों (Auditors) को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों के भ्रष्टाचार और भेदभावपूर्ण रवैये पर जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने पुरानी व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्तियों में ‘पर्ची’ और ‘सूचियों’ का बोलबाला था। उन्होंने कहा, “पहले पेपर लीक होते थे और जो कसर बाकी रह जाती थी, उसे ‘चाचा-भतीजे’ की जोड़ी मिलकर पूरा कर देती थी। भर्ती बोर्डों को अलग-अलग जगहों से लिस्ट भेजी जाती थी, जिससे मेधावी छात्र बाहर हो जाते थे। लेकिन आज बिना किसी सिफारिश के पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को नियुक्तियां मिल रही हैं।”
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का दिया उदाहरण
मंच पर मौजूद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की ओर इशारा करते हुए सीएम योगी ने कहा, “शाहजहांपुर (वित्त मंत्री का गृह जनपद) से कई अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, लेकिन मंत्री जी को यह तक नहीं पता कि किनका चयन हुआ है। यह इस बात का सबूत है कि आज की व्यवस्था में किसी मंत्री या रसूखदार की सिफारिश काम नहीं करती, बल्कि केवल मेहनत रंग लाती है।”
सरकार की समावेशी नीति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों में हर वर्ग और संप्रदाय के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हमारे गोरखपुर का एक सरदार भाई ऑडिटर बना है और लखनऊ की एक मुस्लिम बेटी का भी चयन हुआ है। यह साबित करता है कि प्रदेश में अब जाति या धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर हक मिलता है।”
नियुक्ति पत्र पाने वालों में महिला अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या देखकर मुख्यमंत्री ने खुशी जताई। उन्होंने कहा, “बेटियों ने अपनी काबिलियत से साबित कर दिया है कि वे किसी से पीछे नहीं हैं। अब बेटियों को उनका अधिकार देना ही पड़ेगा, कोई कितना भी विरोध क्यों न कर ले, उन्हें अब पीछे नहीं धकेला जा सकता।”
UPSSSC को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग ने ऐसी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की है, जिससे अयोग्य लोगों और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने नवनियुक्त ऑडिटर्स से पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ सरकारी तंत्र की शुचिता बनाए रखने का आह्वान किया।
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