उत्तर प्रदेश

बलिया: डॉ. वेंकटेश मौआर के निधन ने खोखली व्यवस्था की पोल खोली, रामगोविंद चौधरी ने लगाए ये आरोप

Lucknow Focus News Desk: यूपी के बलिया जिले के स्वास्थ्य महकमे ने सोमवार को अपने एक समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक को खो दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह के अधीक्षक डॉ. वेंकटेश मौआर (उम्र 45 वर्ष) का आकस्मिक निधन सिर्फ एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि बलिया जिले की जर्जर स्वास्थ्य प्रणाली और सरकारी तंत्र की लापरवाही की दर्दनाक तस्वीर भी है।
डॉ. वेंकटेश मौआर न केवल बांसडीह सीएचसी के अधीक्षक थे, बल्कि वे मनियर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अतिरिक्त प्रभार भी निभा रहे थे। वे हमेशा अपने दायित्वों के प्रति सजग रहे और जिले के कई अस्पतालों में उन्होंने उत्कृष्ट सेवाएं दीं। उनकी छवि एक ईमानदार, विवादमुक्त और जनता के प्रिय डॉक्टर की थी।

रामगोविंद चौधरी का कड़ा बयान

इस दुखद घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, डॉ. वेंकटेश एक कर्तव्यपरायण चिकित्सक थे, जो किसी साजिश का शिकार बनकर विवादों में उलझा दिए गए। वर्तमान सरकार में ‘धरती के भगवान’ कहे जाने वाले डॉक्टर तक सुरक्षित नहीं हैं। जब डॉक्टर ही दबाव और भय के माहौल में काम करने को विवश हों, तो आम जनता के स्वास्थ्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए जो मिसाल बने। समाजवादी पार्टी डॉक्टर के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

एसपी प्रवक्ता की मांग: परिवार को मिले मुआवजा और नौकरी

समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि डॉ. मौआर के परिवार को सम्मानजनक सरकारी नौकरी दी जाए।
सरकार उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान करे ताकि परिवार को सहारा मिल सके।

क्या बलिया की स्वास्थ्य व्यवस्था यूं ही चरमराती रहेगी?

इस घटना ने बलिया की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को एक बार फिर उजागर कर दिया है। एक समर्पित चिकित्सक का इस तरह असमय निधन न केवल व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि यह एक सिस्टम की असफलता है, जो अपने सच्चे कर्मियों को संरक्षण नहीं दे सका।

समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार, विशेषकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें, जांच कराएं, दोषियों को दंडित करें और बलिया जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करें।

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