यूपीआई पर एजेंटिक पेमेंट्स: एआई एजेंट अब खुद कर सकेंगे आपके डिजिटल भुगतान

Lucknow Focus News Desk: डिजिटल भुगतान की दुनिया में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) यूपीआई पर ‘एजेंटिक एआई पेमेंट्स’ का एक नया राष्ट्रीय ढांचा तैयार कर रहा है, जिसके तहत आपके एआई एजेंट्स बिना हर बार आपकी मंजूरी मांगे तय सीमाओं के भीतर खुद ही यूपीआई भुगतान करने में सक्षम होंगे। मुंबई में आयोजित होने वाले ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में इस ‘यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल’ को आधिकारिक तौर पर पेश किए जाने की संभावना है।
ऐतिहासिक क्यों है यह बदलाव?
अगस्त महीने में 29.82 लाख करोड़ रुपये के 24.51 अरब ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने वाला यूपीआई पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा रिटेल फास्ट-पेमेंट नेटवर्क है। हालांकि अमेरिका, यूरोप और सिंगापुर में निजी कंपनियों द्वारा ऐसे कुछ प्रयोग किए गए हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे के भीतर इसे लागू करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है।
यह कैसे काम करेगा?
यह नई प्रणाली उपयोगकर्ता को हर लेनदेन के लिए बार-बार ओटीपी या यूपीआई पिन डालने की झंझट से मुक्ति दिलाएगी। इसके काम करने के मुख्य आधार निम्नलिखित हैं।
जिस तरह यूपीआई सर्कल के जरिए प्राथमिक खाताधारक परिवार के किसी सदस्य को सीमित भुगतान की अनुमति देता है, उसी प्रकार एआई एजेंट को एक ‘सेकेंडरी यूजर’ के रूप में सीमित भुगतान अधिकार मिलेगा।
ग्राहक अपने बैंक खाते में एक तय रकम ब्लॉक कर सकेंगे, जिससे एआई जरूरत के अनुसार भुगतान कर सके। वर्तमान में बैंक 90 दिनों के लिए अधिकतम 10,000 रुपये तक ब्लॉक करने की अनुमति देते हैं, लेकिन एजेंटिक पेमेंट्स के लिए इस सीमा और समय-अवधि में ढील देने पर विचार किया जा रहा है।
उपयोगकर्ता पहले से ही यह तय कर सकेंगे कि उनका एआई एजेंट किस बजट में, किन मर्चेंट्स से और किस प्रकार के लेनदेन कर सकता है। तय शर्तें पूरी होते ही भुगतान स्वतः पूरा हो जाएगा।
शुरुआत में कहाँ होगा इस्तेमाल?
इस तकनीक का उपयोग सबसे पहले कम कीमत वाली और बार-बार होने वाली खरीदारी में किया जाएगा, जैसे:
हफ्ते भर का राशन या किराने का सामान खरीदना।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन शॉपिंग, जहाँ एआई एजेंट सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
भविष्य में इसके अन्य उपयोग
समय के साथ इसका दायरा रोजमर्रा की खरीदारी से आगे बढ़कर अधिक व्यापक हो सकता है। आने वाले समय में एआई एजेंट सेल ऑफर्स और डिस्काउंट की पहचान कर सकते हैं, यूजर के निर्देशों पर आर्डर दे सकते हैं, और तय मूल्य सीमा पूरी होने पर शेयर या म्यूचुअल फंड्स में ऑटोमैटिक निवेश करने में भी मदद कर सकते हैं।




