रविवार को ये करें तो बरसेगी सूर्य देव की कृपा


रविवार को क्यों धारण करने चाहिए लाल वस्त्र ? जरूर जानिए।
रविवार का व्रत बहुत श्रेष्ठ व्रत माना गया है। यह उत्तम धन-धान्य और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। कुछ लोग कुष्ठ रोग से त्राण पाने के लिए भी सूर्य का व्रत रखते हैं। इस दिन लाल वस्त्र धारण करने का विशेष महत्व है।
भगवान सूर्य की उत्पत्ति महर्षि कश्यप की पत्नी अदिति के गर्भ से मानी जाती है। अदिति के नाम पर ही उनका नाम आदित्य पड़ा है। भगवान सूर्य समस्त कष्टों का नाश करने वाले, शत्रुओं से त्राण दिलाने में सहायक और यशवृद्धि करने वाले देवता माने जाते हैं। यह ऐसे देव हैं जिन्हें प्रत्यक्ष देव कहा जाता है। अर्थात जो दिखते हैं।
रविवार को सूर्य देव की पूजा विधि-विधान से करने से विशेष फल मिलता है लेकिन जब भी आप सूर्यदेव के लिए रविवार व्रत शुरू करें तो प्रयास करें कि कम से कम एक साल तक यह व्रत रखने के बाद ही इसका उद्यापन करें। हां, किसी खास कारण से एक वर्ष तक यह व्रत रखने में सक्षम नहीं हैं तो भी कम से कम 12 रविवार का व्रत जरूर रखें।
इस दिन सूर्योदय से पहले उठ जाएं। सूर्योदय से पहले ही दैनिक क्रियाओं से निवृत्त हो लें। इसके पश्चात धुले हुए लाल वस्त्र धारण कर लें। लाल रंग सूर्यदेव का प्रिय रंग है। अपने भक्त को लाल वस्त्र धारण किए हुए देखकर वह जल्दी प्रसन्न होते हैं। ऐसे लोगों को रविवार को लाल वस्त्र जरूर धारण करने चाहिए जिनकी कुंडली में सूर्यदेव गलत स्थान पर बैठे हैं।
लाल वस्त्र धारण करके सूर्य भगवान को जल देने का विशेष महत्व है। अगर आप रविवार व्रत हैं तो आपको इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। ओम ह्रां ह्रीं सः सूर्याय नमः सूर्योपासना का मंत्र है। रविवार को व्रत के दिन इसका यथासंभव अधिक से अधिक जाप करें। सूर्यदेव की कृपा आप पर निश्चित तौर पर बरसेगी।
(फोटो-सोशल मीडिया)




