ITR फाइल करने की डेडलाइन बढ़ी, लेकिन 15 सितंबर के बाद चूक पड़ेगी भारी

Lucknow Focus News Desk: अगर आपने अब तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नहीं भरा है, तो आपके लिए राहत की खबर है। सरकार ने इस साल ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर 2024 कर दी है। यानी टैक्सपेयर्स को अब अतिरिक्त 45 दिन का समय मिल गया है।
लेकिन ध्यान रहे, यह समय सहूलियत के लिए है, लापरवाही के लिए नहीं। अगर आपने 15 सितंबर के बाद रिटर्न फाइल किया, तो आपको ₹1,000 से ₹5,000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। साथ ही, हर महीने 1% ब्याज भी अलग से देना होगा।
देरी से ITR फाइल करने के नुकसान
आर्थिक साख पर असर: समय पर रिटर्न फाइल न करना आपकी टैक्स प्रोफाइल को कमजोर करता है। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों में आपकी विश्वसनीयता घटती है।
लोन में अड़चन: पर्सनल, होम या बिजनेस लोन के लिए आवेदन करते समय ITR एक जरूरी दस्तावेज होता है। पिछली फाइलिंग में देरी लोन अप्रूवल में दिक्कतें ला सकती है।
रिफंड में देरी: अगर आपका रिफंड बनता है और आपने देरी से फाइल किया है, तो यह रकम मिलने में भी काफी वक्त लग सकता है।
वीज़ा आवेदन पर असर: विदेश यात्रा, पढ़ाई या जॉब के लिए वीजा आवेदन करते समय समय पर फाइल किया गया ITR बेहद जरूरी होता है। लेट फाइलिंग से वीजा प्रोसेस भी रुक सकता है।
कितना लगेगा जुर्माना?
- 15 सितंबर के बाद ITR फाइल करने पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत आपको जुर्माना भरना पड़ेगा।
- ₹5,000 – अगर आपकी सालाना आय ₹5 लाख से अधिक है
- ₹1,000 – अगर सालाना आय ₹5 लाख से कम है
- साथ ही, अगर टैक्स चुकाना बाकी है, तो उस पर हर महीने 1% का ब्याज भी अलग से देना होगा।
- ITR फाइल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
ITR फाइलिंग सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, यह आपकी आर्थिक जिम्मेदारी है। कुछ जरूरी बिंदुओं का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
सही ITR फॉर्म चुनें
इनकम टैक्स विभाग ने ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 फॉर्म उपलब्ध कराए हैं। आप किस फॉर्म में रिटर्न भरेंगे, यह आपकी आय के स्रोत (जैसे नौकरी, व्यवसाय, निवेश आदि) पर निर्भर करता है।
टैक्स रिजीम का चुनाव समझदारी से करें
- अब आपको पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Regime) में से एक का चुनाव करना होता है।
- पुरानी व्यवस्था: ज्यादा टैक्स छूट और कटौती का विकल्प
- नई व्यवस्था: कम टैक्स स्लैब, लेकिन छूट सीमित
- अपनी आय, खर्च और निवेश को देखकर सही विकल्प चुनें।
- ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें
- रिटर्न भरने के बाद ई-वेरिफिकेशन अनिवार्य है। अगर आपने वेरिफिकेशन नहीं किया, तो आपकी फाइलिंग अधूरी मानी जाएगी।
दस्तावेज पहले से तैयार रखें
ITR भरने से पहले Form-16, बैंक स्टेटमेंट, निवेश की रसीदें, किराये की रसीदें और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ रखें। इससे गलती की संभावना कम होगी।
रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाई जरूर गई है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है। आखिरी दिन का इंतज़ार करने के बजाय जल्द से जल्द ITR फाइल करें ताकि आप जुर्माना, ब्याज और फाइनेंशियल दिक्कतों से बच सकें।
Also Read: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को रक्षाबंधन से पहले बड़ी खुशखबरी, DA में हो सकती है 4% तक बढ़ोतरी




