ब्रिक्स समिट के बीच पीएम मोदी और शी चिनफिंग की मुलाकात: LAC तनाव, ब्रह्मपुत्र बांध और व्यापार पर हुई अहम चर्चा
'आपके समर्थन के लिए शुक्रिया'-पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति का जताया आभार; सीमा पर शांति, वीजा पाबंदियों और सप्लाई-चैन पर भारत ने रुख किया स्पष्ट

Lucknow Focus News Desk: 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच 12 सितंबर को उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत की मेजबानी को चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए राष्ट्रपति जिनपिंग का धन्यवाद किया। दोनों नेताओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनातनी, द्विपक्षीय व्यापार, वीजा पाबंदियों और जल सुरक्षा जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
मुलाकात के प्रमुख मुद्दे व टेकअवे
सीमा पर शांति प्राथमिकता: भारत ने स्पष्ट किया कि सीमा (LAC) पर शांति और स्थिरता स्थापित हुए बिना द्विपक्षीय संबंधों में पूरी तरह सुधार संभव नहीं है। बैठक के दौरान अरुणाचल प्रदेश के ताकसिंग क्षेत्र में बने हालिया तनाव और सैन्य कमांडर स्तर की वार्ताओं पर भी बात हुई।
ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध की चिंता: तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो (ब्रह्मपुत्र) नदी पर चीन द्वारा बनाए जा रहे 137 अरब डॉलर के विशाल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का मुद्दा भारत ने उठाया। भारत ने निचले इलाकों पर पड़ने वाले असर को देखते हुए चीन से इस प्रोजेक्ट से जुड़ा डेटा शेयर करने की मांग की।
व्यापारिक पाबंदियां और सप्लाई-चैन: भारतीय उद्योगों को चीन से मिलने वाली मशीनरी और स्पेयर पार्ट्स में आ रही रुकावटों, वीजा पाबंदियों तथा भारतीय सामानों की चीनी बाजार तक पहुंच पर विस्तृत चर्चा हुई। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेल जैसे कुछ क्षेत्रों में ढील से राहत मिलने की बात भी सामने आई।
दीर्घकालिक स्थिरता पर जोर
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तात्कालिक मतभेदों को सुलझाने के साथ-साथ भारत-चीन संबंधों को लंबे समय के लिए एक स्थिर, भरोसेमंद और संतुलित मोड़ देना रहा, ताकि स्थापित नियमों के तहत विवादों का समाधान किया जा सके।




