राहुल गांधी ने आवारा कुत्तों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल, बोले- बेजुबान जीव कोई समस्या नहीं

Lucknow Focus News Desk: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली-एनसीआर से आवारा कुत्तों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अपनी असहमति जताई है। उन्होंने इस फैसले को मानवीय और वैज्ञानिक नीतियों से ‘एक कदम पीछे हटना’ बताया है।
क्या कहा राहुल गांधी ने?
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ये बेजुबान जानवर कोई समस्या नहीं हैं जिन्हें खत्म किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि आश्रय, नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल जैसे उपाय सड़कों को क्रूरता-मुक्त और सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने कहा, “पूरी तरह से हटा देना क्रूर और अदूरदर्शी है, जो हमारी करुणा को खत्म करता है। हम जन सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों को सुनिश्चित कर सकते हैं।”
सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या था?
राहुल गांधी की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के एक दिन बाद आई है, जिसमें अदालत ने दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर स्थायी रूप से आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने की वजह से स्थिति बहुत गंभीर हो गई है, खासकर छोटे बच्चों में।
अदालत ने अधिकारियों को अगले 6 से 8 हफ्तों में लगभग 5,000 कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन कुत्तों को हटाने के काम में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि क्या पशु प्रेमी रेबीज से पीड़ित बच्चों की जिंदगी वापस ला पाएंगे।
यह मामला 28 जुलाई को कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान में लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के साथ-साथ गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के नगर निकायों को भी इस पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आश्रय स्थलों में कुत्तों की देखभाल, टीकाकरण और सीसीटीवी निगरानी के लिए पर्याप्त कर्मचारी रखने के निर्देश भी दिए हैं।
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