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मॉनसून में तेज़ी से फैल रहा डेंगू और टाइफाइड, लक्षणों में अंतर समझना है बेहद ज़रूरी

Lucknow Focus News Desk: बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियाँ लाता है, जिनमें डेंगू और टाइफाइड सबसे आम हैं। दोनों के लक्षण अक्सर एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनका कारण और शरीर पर असर बिल्कुल अलग होता है। सही पहचान और समय पर इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

क्या है डेंगू और टाइफाइड का फर्क?

डेंगू: यह एक वायरल संक्रमण है जो एडीज़ इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर साफ, ठहरे हुए पानी में पनपते हैं। डेंगू का वायरस सीधा खून पर हमला करता है, जिससे शरीर में प्लेटलेट्स तेज़ी से कम होने लगती हैं।

टाइफाइड: यह बैक्टीरियल संक्रमण है जो सैल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से होता है। यह दूषित पानी, बासी या संक्रमित खाने से फैलता है और सीधे हमारे पाचन तंत्र पर असर डालता है।

लक्षणों को ऐसे पहचानें

हालाँकि दोनों में बुखार और थकान होती है, लेकिन कुछ खास अंतर होते हैं:

डेंगू:

बुखार: अचानक और बहुत तेज़ी से आता है।

दर्द: सिर, आँख के पीछे और पूरे शरीर में असहनीय दर्द होता है।

अन्य लक्षण: त्वचा पर लाल चकत्ते (रैशेस), प्लेटलेट्स का तेज़ी से गिरना और गंभीर मामलों में नाक या मसूड़ों से खून आना।

टाइफाइड:

बुखार: धीरे-धीरे बढ़ता है और कई दिनों तक बना रहता है।

पाचन तंत्र पर असर: भूख कम लगना, पेट में दर्द, दस्त या कब्ज की शिकायत।

अन्य लक्षण: लगातार थकान और कमजोरी।

बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

इन बीमारियों से बचने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं:

मच्छरों से बचाव: घर के आस-पास पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

साफ-सफाई: हमेशा उबला या फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएं और बाहर का बासी या कच्चा भोजन खाने से बचें।

हाथ धोना: खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोएँ।

डॉक्टर से सलाह: अगर बुखार लंबे समय तक रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

इन सावधानियों से आप खुद को और अपने परिवार को इन बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।

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