भारत का उपराष्ट्रपति: कौन-सी शक्तियां मिलती हैं और कब निभाते हैं दोहरी जिम्मेदारी?

Lucknow Focus News Desk: भारत का उपराष्ट्रपति पद देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है, जो राष्ट्रपति के बाद आता है। 9 सितंबर, 2025 को भारत के 17वें उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव हो रहे हैं। यह पद पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई, 2025 को अचानक दिए गए इस्तीफे के बाद खाली हुआ था।
आइए जानते हैं कि उपराष्ट्रपति को कौन-कौन सी शक्तियां और जिम्मेदारियां मिलती हैं।
उपराष्ट्रपति का सबसे महत्वपूर्ण काम राज्यसभा की बैठकों की अध्यक्षता करना होता है। इस भूमिका में उनके पास वही शक्तियां होती हैं जो लोकसभा के स्पीकर के पास होती हैं। उनके कुछ खास कार्य इस प्रकार हैं:
- वे राज्यसभा की बैठकों का आयोजन करते हैं और सदस्यों को बोलने का मौका देते हैं।
- वे सदन में अनुशासन बनाए रखते हैं और नियमों का पालन न करने वाले किसी भी सदस्य को बाहर निकाल सकते हैं।
- किसी बिल पर बराबर वोट पड़ने की स्थिति में, उपराष्ट्रपति अपना निर्णायक वोट देकर फैसला करते हैं। सामान्य तौर पर, वे मतदान नहीं करते हैं।
- वे सदन के नियमों की व्याख्या करते हैं, और उनका फैसला अंतिम होता है।
राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना
उपराष्ट्रपति तब राष्ट्रपति का कार्यभार संभालते हैं जब राष्ट्रपति अपने पद पर नहीं होते। यह दो मुख्य स्थितियों में होता है:
- अगर राष्ट्रपति का पद उनकी मृत्यु, इस्तीफे, या हटाए जाने के कारण खाली हो जाता है, तो उपराष्ट्रपति तुरंत राष्ट्रपति बन जाते हैं। वे यह कार्यभार अधिकतम 6 महीने तक संभाल सकते हैं, क्योंकि इस दौरान नए राष्ट्रपति का चुनाव हो जाना चाहिए।
- यदि राष्ट्रपति बीमारी या विदेश यात्रा के कारण थोड़े समय के लिए अपना कार्य नहीं कर पाते हैं, तो उपराष्ट्रपति उनके लौटने तक उनका काम संभालते हैं।
- जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में काम करते हैं, तो उन्हें राष्ट्रपति की सभी शक्तियां, विशेषाधिकार और वेतन मिलता है। इस दौरान वे राज्यसभा के मुखिया के रूप में काम नहीं करते हैं।
उपराष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
भारत का उपराष्ट्रपति सीधे जनता द्वारा नहीं चुना जाता। संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, उनका चुनाव एक विशेष इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य (चुने हुए और नामांकित) शामिल होते हैं। यह चुनाव गुप्त मतदान के जरिए होता है।

