उत्तर प्रदेश में एनीमिया से निपटने के लिए नई पहल, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए लॉन्च हुई ‘हैंडबुक’

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, “एड्रेसिंग मैटरनल एनीमिया इन उत्तर प्रदेश” नामक एक नई हैंडबुक का विमोचन किया गया है। प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस हैंडबुक को लॉन्च करते हुए कहा कि यह दूरदराज के इलाकों में काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को एनीमिया के प्रबंधन में सक्षम बनाएगी।
क्यों है यह हैंडबुक महत्वपूर्ण?
प्रमुख सचिव ने बताया कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, जो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। गर्भावस्था के दौरान एनीमिया की सही समय पर पहचान और उपचार करके मृत्यु दर को काफी कम किया जा सकता है।
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि यह हैंडबुक स्वास्थ्यकर्मियों को एनीमिया की स्क्रीनिंग, ट्रैकिंग और मैनेजमेंट के लिए व्यावहारिक और वैज्ञानिक मार्गदर्शन देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एनीमिया सिर्फ एक चिकित्सीय समस्या नहीं है, बल्कि यह पोषण, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच से जुड़ी एक सामाजिक समस्या भी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि यह हैंडबुक हीमोग्लोबिनोपैथी और अन्य बीमारियों से होने वाले एनीमिया की जाँच और प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित करती है, जिससे एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग और अन्य संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस हैंडबुक के प्रभावी क्रियान्वयन से “एनीमिया मुक्त उत्तर प्रदेश” का लक्ष्य जल्द ही हासिल किया जा सकेगा।




