योगी सरकार में प्री-प्राइमरी शिक्षा को नई उड़ान, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जुड़ेंगे 71,877 स्कूलों के हितधारक

Lucknow Focus News Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) शिक्षा को मजबूत आधार प्रदान करने हेतु समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ‘बालवाटिका यूट्यूब श्रृंखला-6’ की कड़ी का शुभारंभ किया गया है।
बता दें कि अगस्त 2025 से शुरू हुई इस श्रृंखला की पांच कड़ियां पहले ही पूर्ण की जा चुकी हैं। यह अभिनव पहल राज्य के प्री-प्राइमरी से जुड़े प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक संकुल, नोडल अध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, नोडल एसआरजी और ECCE एजुकेटर्स को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने का माध्यम बनेगी, जिससे प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक अनुभवात्मक, आनंददायक और सृजनशील बनाया जा सकेगा। इन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से इन्हें बालवाटिका संचालन, शैक्षिक संवर्धन और गतिविधि-आधारित शिक्षण प्रक्रिया की नई बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।
यूट्यूब श्रृंखला के माध्यम से हितधारकों को मिलेगा ऑनलाइन प्रशिक्षण
योगी सरकार के ‘सीखने से सशक्तिकरण’ के विज़न को साकार करने वाली यह श्रृंखला इनकी क्षमता वृद्धि का माध्यम बनेगी, बल्कि प्रदेश की प्रारंभिक शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम साबित होगी। इसके लिए राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जनपदों के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी प्री-प्राइमरी से जुड़े सभी हितधारकों की अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए, ताकि हर बच्चा सीखे, आगे बढ़े और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश की प्री-प्राइमरी शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन लाने का यह प्रयास वास्तव में शिक्षण की नई क्रांति है। यह ऑनलाइन श्रृंखला शिक्षकों को ऐसे आधुनिक शिक्षण कौशलों से जोड़ रही है, जो बच्चों के समग्र विकास और सीखने की प्रक्रिया को सहज, रचनात्मक और आनंददायक बनायेंगे।
संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश
इन विधाओं में पारंगत हो रहे हितधारक
इन सत्रों में हितधारकों को कहानी कहने की कला, लेखन तत्परता (Writing Readiness), गणितीय अवधारणाओं की समझ और व्यवहारिक शिक्षण की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। इसके साथ ही आई.ई.पी. (Individualized Education Plan) की अवधारणा पर भी विशेष बल दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक बच्चे की सीखने की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण को प्रभावी बनाया जा सके।
कार्यक्रम से जुड़ेंगे 71,877 विद्यालयों के हितधारक
प्रदेश के 71,877 प्राथमिक विद्यालयों में संचालित प्री-प्राइमरी (बालवाटिका) कक्षाओं से जुड़े हितधरकों को इस प्रशिक्षण श्रृंखला से जोड़ा गया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘निपुण भारत मिशन’ और ‘बेसिक शिक्षा परिवर्तन’ की परिकल्पना को मूर्त रूप देने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
प्री-प्राइमरी श्रृंखला का उद्देश्य बालवाटिका शिक्षकों को ऐसे नवाचारी शिक्षण तकनीकों से जोड़ना है, जिससे सीखना बच्चों के लिए एक आनंददायक अनुभव बने। जब हितधारक स्वयं सीखने के प्रति उत्साही होंगे, तभी बच्चे भी सीखने को खेल और अनुभव का हिस्सा समझेंगे।
एकता सिंह, अपर राज्य परियोजना निदेशक




