दक्षिण अफ्रीका G20 समिट: PM मोदी हुए शामिल, मेज़बान ने गरीब-जलवायु प्रभावित देशों के हितों पर दिया जोर

Lucknow Focus News Desk: दक्षिण अफ्रीका में पहली बार आयोजित हो रहे G20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है। इस महत्वपूर्ण वैश्विक बैठक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोहानिसबर्ग के नैसरेक एक्सपो सेंटर पहुंचे, जहां दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने उनका औपचारिक और गर्मजोशी से स्वागत किया।
अफ्रीकी हितों पर फोकस
G20 समिट का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति रामाफोसा ने जोर देकर कहा कि अफ्रीकी धरती पर यह आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
रामाफोसा ने गरीब और जलवायु-प्रभावित देशों के हितों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने एकजुटता, समानता और सतत विकास को प्राथमिकता बताया, जिसके माध्यम से सभी देशों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सके। दक्षिण अफ्रीका ने जलवायु आपदाओं से लड़ रहे गरीब देशों के लिए मदद बढ़ाने, विदेशी कर्ज में राहत देने और हरित ऊर्जा के लिए सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहमति की उम्मीद जताई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भी दक्षिण अफ्रीका के इन मुद्दों को विकसित देशों के सामने स्पष्ट रूप से रखने की सराहना की।
PM मोदी की कूटनीतिक मुलाकातें
सम्मेलन स्थल पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत राष्ट्रपति रामाफोसा ने किया, इस दौरान दोनों नेताओं को हँसते हुए बातचीत करते देखा गया। G20 समिट के दौरान पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
बड़े नेताओं की अनुपस्थिति
इस महत्वपूर्ण शिखर वार्ता में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग हिस्सा नहीं ले रहे हैं। ट्रंप द्वारा दक्षिण अफ्रीका पर ‘एंटी-व्हाइट नीतियों’ के आरोप के बाद अमेरिका ने सम्मेलन का बहिष्कार किया, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद गहरा गया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की अनुपस्थिति पर खेद व्यक्त किया, लेकिन कहा कि इससे काम रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने वैश्विक संकटों के बीच नेताओं के एकजुट होकर आगे बढ़ने के कर्तव्य पर जोर दिया।
G20 समूह में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं, जो मिलकर दुनिया की 85 प्रतिशत अर्थव्यवस्था और आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।