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Health Tips: घर पर बीपी चेक करते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे यह गलती? एक्सपर्ट से जानें सही रीडिंग का मतलब

Lucknow Focus News Desk: आजकल अधिकांश घरों में डिजिटल ब्लड प्रेशर मशीनें उपलब्ध हैं, जिससे लोग स्वयं अपना बीपी (BP) चेक करते हैं। हालांकि, जानकारी के अभाव में लोग अक्सर रीडिंग समझने में बड़ी गलती कर देते हैं। अधिकांश लोग 120/80 mmHg को सामान्य मानते हैं, लेकिन इसके थोड़ा ऊपर जाते ही इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो भविष्य में हृदय रोग और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकता है।

रीडिंग का सही गणित: सिस्टोलिक और डायस्टोलिक

बीपी की रीडिंग में दो संख्याएं होती हैं सिस्टोलिक (ऊपरी संख्या – 120) यह वह दबाव है जब हृदय रक्त को पंप करता है। डायस्टोलिक (निचली संख्या – 80) यह वह दबाव है जब पंप करने के बाद हृदय आराम करता है।

क्या है ‘एलिवेटेड बीपी’ (Elevated BP)?

डॉक्टर्स के अनुसार, सबसे बड़ी गलती तब होती है जब लोग 120–129 / <80 mmHg की रीडिंग को भी सामान्य मान लेते हैं। चिकित्सा विज्ञान में इसे ‘एलिवेटेड बीपी’ कहा जाता है। यह हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की पहली सीढ़ी है। यदि इस स्तर पर ध्यान न दिया जाए, तो यह स्थायी बीमारी में बदल सकता है।

कब माना जाता है हाइपरटेंशन (High BP)?

यदि आपका सिस्टोलिक बीपी 130 या उससे अधिक है, और डायस्टोलिक बीपी 80 या उससे अधिक (जैसे 130/85) रहता है, तो आप हाइपरटेंशन की श्रेणी में आते हैं। इस स्थिति में तत्काल डॉक्टर से परामर्श और दवाओं की आवश्यकता हो सकती है।

एलिवेटेड बीपी को कैसे सुधारें?

अच्छी बात यह है कि एलिवेटेड बीपी के स्तर पर दवाओं के बिना भी सुधार संभव है। इसके लिए अपनी जीवनशैली में ये बदलाव करें:

नमक का सेवन कम करें: आहार में सोडियम की मात्रा घटाएं।

नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि बीपी को नियंत्रित रखती है।

तनाव प्रबंधन: योग और ध्यान (Meditation) का सहारा लें।

वजन नियंत्रण: मोटापे पर काबू पाकर हृदय पर दबाव कम किया जा सकता है।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।

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