उत्तर प्रदेश

यूपी स्वास्थ्य विभाग का कड़ा रुख, नवजात सेवाओं में लापरवाही पर अधिकारियों को हटाने के निर्देश

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर नवजात शिशुओं की देखभाल को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने बुधवार को अयोध्या, देवीपाटन और प्रयागराज मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि नवजात शिशुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्य दिशा-निर्देश और सख्त कार्रवाई

लापरवाह अधिकारियों पर गाज: समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में धनराशि आवंटित होने के बावजूद NICU और NBSU इकाइयों में आवश्यक उपकरण नहीं खरीदे गए। इसके लिए जिम्मेदार प्रभारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

केंद्रीय समीक्षा मिशन की तर्ज पर ‘राज्य समीक्षा मिशन’ बनाया गया है। इसकी टीमें स्टाफ की उपस्थिति, रिकॉर्ड संधारण, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और फायर सेफ्टी जैसे मानकों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। अब प्रत्येक एनआईसीयू और एनबीएसयू का निरीक्षण उपजिलाधिकारी (SDM) और एक चिकित्सक द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

आरोग्य मेले और प्रदर्शन

इसे मुख्यमंत्री की प्राथमिकता बताते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इसकी सफलता की जिम्मेदारी सीधे सीएमओ (CMO) की होगी। आरोग्य मेले में शानदार प्रदर्शन के लिए श्रावस्ती को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई। इसके अलावा समीक्षा में बहराइच जिले में मरीजों का संतुष्टि स्तर कम पाया गया, जिसे लेकर सुधार के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने लैब टेक्नीशियनों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा करने को कहा है ताकि सरकारी अस्पतालों में जांच की गुणवत्ता और संख्या बढ़ाई जा सके।

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