अचानक नहीं आता हार्ट अटैक? डॉक्टर ने बताए कमजोर दिल के ‘5 साइलेंट संकेत’

Lucknow Focus News Desk: भारत में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उसने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। अक्सर लोग समझते हैं कि दिल का दौरा अचानक पड़ता है, लेकिन हार्ट विशेषज्ञ के अनुसार, हमारा शरीर हफ़्तों पहले से कुछ विशेष संकेत देना शुरू कर देता है। इन लक्षणों को सामान्य थकान या गैस समझकर इग्नोर करना जानलेवा साबित हो सकता है।
कमजोर दिल के 5 चेतावनी संकेत
यदि आपका हृदय शरीर की जरूरत के अनुसार रक्त पंप नहीं कर पा रहा है, तो आपको ये लक्षण महसूस हो सकते हैं। जूते के फीते बांधने या झुकने के मात्र 10-15 सेकंड के भीतर सांस फूलना और दम घुटना। सीधा खड़े होते ही सामान्य महसूस करना। यह दिल के चैंबर्स पर बढ़ते दबाव का संकेत है।
भोजन के बाद अत्यधिक सुस्ती और भारीपन
खाना खाने के बाद जरूरत से ज्यादा नींद आना, चक्कर महसूस होना या छाती में हल्का दर्द। पाचन के लिए अतिरिक्त रक्त संचार की आवश्यकता होती है, जिसे पंप करने में कमजोर दिल संघर्ष करता है।
पेट फूलना या भारीपन
खाना खाते ही ऐसा लगना कि पेट पूरी तरह फूल गया है। हृदय की कार्यक्षमता कम होने से लिवर और पाचन अंगों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है।
पैरों और टखनों में सूजन
शाम के समय पैरों में सूजन आना। मोजे उतारने पर टखनों पर गहरे निशान दिखाई देना। दिल रक्त को वापस ऊपर खींचने में असमर्थ होता है, जिससे निचले अंगों में तरल पदार्थ (Fluid) जमा होने लगता है।
ऑर्थोप्निया
बिस्तर पर सीधा लेटते ही घबराहट होना या तेज खांसी आना। लेटते ही फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे लोग अक्सर ऊंचे तकिए लगाकर सोने में सहज महसूस करते हैं।
विशेषज्ञ की सलाह
डॉक्टर्स के अनुसार, यदि इनमें से कोई भी लक्षण आपको नियमित रूप से महसूस हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) से मिलें। डॉक्टर की सलाह पर ECHO (इकोकार्डियोग्राम) या ECG टेस्ट करवाएं ताकि हार्ट की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
अस्वीकरण: यह रिपोर्ट केवल जागरूकता के लिए है। किसी भी लक्षण के अनुभव होने पर स्वयं उपचार के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।




