‘स्वैग से अवेयरनेस’: लखनऊ के लुलु मॉल में सुरों और कविताओं के जरिए एड्स के प्रति जगाई गई अलख

Lucknow Focus News Desk: राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (UPSACS) और आकाशवाणी लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में एक अनूठा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘स्वैग से अवेयरनेस’ (Swag Se Awareness) नामक इस सांस्कृतिक उत्सव ने लखनऊ के लुलु मॉल में मौजूद हजारों दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि UPSACS के अपर परियोजना निदेशक रवीन्द्र कुमार और आकाशवाणी लखनऊ के केंद्राध्यक्ष आर.बी. सिंह ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। रवीन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं के बीच एचआईवी/एड्स से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और भेदभाव को मिटाना अनिवार्य है। उन्होंने एआरटी (ART) उपचार और संक्रमण से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों पर प्रकाश डाला। आकाशवाणी की कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने जोर देकर कहा कि एड्स कोई सामाजिक कलंक नहीं बल्कि एक स्वास्थ्य संबंधी विषय है, जिसे सही जानकारी से रोका जा सकता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मॉल में मौजूद दर्शक उस वक्त झूम उठे जब कलाकारों ने अपनी कला के साथ जागरूकता का संदेश पिरोया। गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि के भजनों और संजोली पांडेय के लोकगीतों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। रेडियो प्रेजेंटर सुरेंद्र राजेश्वरी ने जब उत्तराखंड का प्रसिद्ध गीत ‘बेडू पाको बार मासा’ और ‘गुलाबी शरारा’ गाया, तो दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। एक विशेष अवधी नाटक (स्कीट) के माध्यम से सरल भाषा में एड्स से बचाव और सतर्कता का पाठ पढ़ाया गया।
कविताओं से गुदगुदाया और सिखाया
हास्य कवि मुकुल महान और गजेंद्र प्रियांशु ने अपनी पंक्तियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
“बेशक खुली किताबें रहना, पन्ने मगर नियंत्रित रखना।”
मुकुल महान
“गुड़हल और बबूलों के दिन सबके आते हैं, दिन से क्या घबराना दिन तो आते जाते हैं।”
गजेंद्र प्रियांशु
कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडी, क्विज और आरजे (RJ) की प्रस्तुतियों ने युवाओं को सीधे तौर पर एचआईवी जागरूकता से जोड़ा।




