उत्तर प्रदेश

माघ मेला 2026: मकर संक्रांति पर उमड़ा जनसैलाब, दोपहर 12 बजे तक 50 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

Lucknow Focus News Desk: संगम नगरी प्रयागराज में बुधवार को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह 4:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक करीब 50 लाख लोग संगम में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी घेराबंदी

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में बांटकर निगरानी की जा रही है।

विशाल घाट: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 12,000 फीट लंबे घाट तैयार किए गए हैं।

सक्रिय सुरक्षा बल: हर घाट पर जल पुलिस के साथ-साथ NDRF, SDRF और RAF की टीमें तैनात हैं।

संकेतक और सुरक्षा: गहरे पानी वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां चेतावनी बोर्ड और संकेतक लगाए गए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

यातायात व्यवस्था: एंट्री पॉइंट पर रोक

लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर कड़ाई से रोक लगा दी गई है।

मेला क्षेत्र के सभी मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर चार पहिया वाहनों को रोक दिया गया है।

केवल पास वाले दो पहिया वाहनों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।

अधिकांश श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चलकर संगम तट तक पहुंच रहे हैं।

दो दिनों तक स्नान का संयोग

बुधवार को एकादशी का संयोग होने और दोपहर बाद स्नान का विशेष योग होने के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना दिखा। दूर-दराज से आए श्रद्धालु परिवार सहित संगम तट पर डटे हुए हैं। चंदौली से आए श्रद्धालु राम किशोर तिवारी ने बताया कि उन्होंने आज स्नान किया है और कल (बृहस्पतिवार) भी स्नान करने के बाद ही घर प्रस्थान करेंगे।

स्वच्छता और सुविधाएं

प्रशासन ने घाटों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम (कपड़े बदलने के कमरे) की व्यवस्था की है। साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की भारी फौज तैनात की गई है ताकि इतने बड़े आयोजन में भी स्वच्छता बनी रहे।

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