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क्या बच्चों को भी हो सकता है गठिया? जानिए ‘जुवेनाइल आर्थराइटिस’ के शुरुआती लक्षण और इसके कारण

Lucknow Focus News Desk: आम तौर पर गठिया (आर्थराइटिस) को बुढ़ापे या बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता है, लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। यह गंभीर समस्या बच्चों को भी अपनी चपेट में ले सकती है। बच्चों में होने वाले इस गठिया को ‘जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस’ (Juvenile Idiopathic Arthritis) कहा जाता है, जो मुख्य रूप से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। इस स्थिति में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला कर देती है, जिससे जोड़ों में सूजन, तेज दर्द और अकड़न की समस्या पैदा हो जाती है।

बच्चों में गठिया के प्रमुख लक्षण

अक्सर माता-पिता बच्चों के जोड़ों के दर्द को खेलकूद के दौरान लगी चोट या सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि आपके बच्चे में ये लक्षण दिखाई दें, तो सतर्क हो जाना चाहिए:

  • सुबह उठने पर जोड़ों में कड़ापन या अकड़न महसूस होना।

  • घुटनों, टखनों या कलाई में लगातार सूजन और दर्द रहना।

  • बच्चे का अचानक लंगड़ाकर चलना या उठने-बैठने में कठिनाई होना।

  • छोटे बच्चे अपनी तकलीफ बोलकर नहीं बता पाते, इसलिए उनके खेलने में रुचि कम होना या बार-बार गोद में लेने की जिद करना जैसे बदलावों पर ध्यान दें।

कारण और बचाव

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में इस बीमारी का कोई एक स्पष्ट कारण नहीं है। इसमें अनुवांशिक (जेनेटिक) कारण और इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। यदि जोड़ों की समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजिस्ट) से संपर्क करें। समय पर सही इलाज, दवाइयों और फिजियोथेरेपी की मदद से बच्चे की बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और उनके सामान्य विकास को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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