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बदलते मौसम में क्यों बढ़ जाता है घुटनों और जोड़ों का दर्द? जानिए इसके मुख्य कारण और राहत पाने के 4 अचूक उपाय

Lucknow Focus News Desk: मौसम में बदलाव का असर केवल सर्दी-जुकाम, खांसी या सामान्य एलर्जी तक सीमित नहीं रहता। तापमान के उतार-चढ़ाव का सीधा और गहरा प्रभाव हमारे जोड़ों और घुटनों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। अक्सर देखा जाता है कि मौसम बदलते ही विशेषकर बुजुर्गों और गठिया (Arthritis) से पीड़ित मरीजों में घुटनों में तेज दर्द, जकड़न और सूजन की समस्या बढ़ जाती है। यदि समय रहते इसकी सही देखभाल न की जाए, तो यह दर्द व्यक्ति की रोजमर्रा की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

बदलते मौसम में क्यों बढ़ता है जोड़ों का दर्द?

चिकित्सीय अनुभवों और अध्ययनों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान दर्द बढ़ने के मुख्य वैज्ञानिक कारण निम्नलिखित हैं।

मांसपेशियों में अकड़न: वायुमंडल के तापमान में गिरावट आने और हवा में नमी (Humidity) बढ़ने के कारण जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां, टेंडन्स और लिगामेंट्स सिकुड़ने लगते हैं, जिससे जोड़ों में कड़ापन महसूस होता है।

गठिया के लक्षणों का गंभीर होना: हालांकि इस विषय पर वैज्ञानिक शोध मिश्रित परिणाम दर्शाते हैं, लेकिन व्यावहारिक तौर पर अधिकांश रूमेटोइड या ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीज मौसम बदलने पर दर्द और सूजन बढ़ने की शिकायत करते हैं।

जोड़ों के दर्द से राहत पाने के 4 व्यावहारिक उपाय

अच्छी बात यह है कि अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे और आसान बदलाव करके घुटनों के दर्द को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

  1. शरीर और जोड़ों को गर्म रखें

क्या करें: ठंडे मौसम या ठंडी हवा के संपर्क में आने पर घुटनों को गर्म कपड़ों, लेयर्स या मेडिकल नी-कैप (Knee Cap) से ढककर रखें। अकड़न अधिक होने पर प्रभावित हिस्से पर हल्की गर्म सिकाई (Hot Fomentation) करें।

  1. नियमित और हल्की एक्सरसाइज करें

क्या करें: कई लोग दर्द होने पर पूरी तरह चलना-फिरना बंद कर देते हैं, जो कि गलत है। जोड़ों की लचक (Flexibility) बनाए रखने के लिए प्रतिदिन 20 से 30 मिनट की हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग और डॉक्टर की सलाह अनुसार हल्के व्यायाम जरूर करें।

  1. शरीर का वजन नियंत्रित रखें

क्या करें: शरीर के अत्यधिक वजन का सीधा और सबसे ज्यादा दबाव हमारे घुटनों पर पड़ता है, जिससे कार्टिलेज घिसने का डर रहता है। संतुलित आहार (Balanced Diet) और नियमित शारीरिक गतिविधि से वजन को नियंत्रण में रखें।

  1. कैल्शियम और विटामिन-D का रखें विशेष ध्यान

क्या करें: हड्डियों की आंतरिक मजबूती के लिए भोजन में कैल्शियम और विटामिन-D युक्त स्रोतों को शामिल करें। इसके लिए दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां और सुबह की गुनगुनी धूप का संतुलित लाभ लें।

विशेषज्ञ की सलाह कब लें?

यदि घुटनों का दर्द कई दिनों तक लगातार बना रहे, जोड़ों में सूजन लालिमा के साथ बढ़ जाए, या फिर उठने-बैठने और चलने-फिरने में तीव्र परेशानी होने लगे, तो बिना समय गंवाए किसी योग्य ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ (Hड्डी व जोड़ रोग विशेषज्ञ) से परामर्श लें। इस स्थिति में खुद से पेनकिलर (Self-Medication) खाने से बचें।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे किसी भी तरह के योग्य चिकित्सीय परामर्श का विकल्प न माना जाए। किसी भी बीमारी या उपचार के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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