इलाहाबाद हाईकोर्ट: वरिष्ठ अधिवक्ता जे.के. उपाध्याय नियुक्त हुए न्यायमूर्ति, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

Lucknow Focus News Desk: इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की रिक्तियों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने अधिवक्ता जय कृष्ण (जे.के.) उपाध्याय को न्यायमूर्ति नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर मुहर लगने के बाद, सोमवार को विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई।
वरिष्ठता और अनुभव
जय कृष्ण उपाध्याय वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपर शासकीय अधिवक्ता (क्रिमिनल) के पद पर कार्यरत थे। साल 2009 से इस पद पर रहते हुए उन्होंने आपराधिक मामलों के एक प्रखर और अनुभवी विशेषज्ञ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनकी इसी योग्यता और कानूनी कौशल को देखते हुए कॉलेजियम ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा था।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
मूल रूप से मिर्जापुर जिले के राजगढ़ विकासखंड स्थित खैरा गांव के रहने वाले जे.के. उपाध्याय का सफर जमीन से जुड़ा रहा है।
स्कूली शिक्षा: उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही परिषदीय विद्यालय से प्राप्त की और मौनी स्वामी इंटर कॉलेज से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।
उच्च शिक्षा: कानून की बारीकियां सीखने के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय का रुख किया, जहाँ से उन्होंने स्नातक और एलएलबी (विधि) की डिग्री हासिल की।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
न्यायमूर्ति जे.के. उपाध्याय एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसका न्यायपालिका और प्रशासनिक सेवाओं से गहरा जुड़ाव रहा है। उनके बड़े भाई रामकृष्ण उपाध्याय लखनऊ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनके दूसरे भाई श्रीकृष्ण उपाध्याय मिर्जापुर के राजगढ़ ब्लॉक में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पद पर तैनात हैं।
महत्वपूर्ण नियुक्ति
विधि एवं न्याय मंत्रालय के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन द्वारा जारी इस अधिसूचना के बाद विधिक गलियारों में खुशी की लहर है। आपराधिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता का लाभ अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्याय प्रक्रिया को मिलेगा।




