बाराबंकी: अब स्वावलंबी बनेंगे वृद्धआश्रम के बुजुर्ग, अटल वयो अभ्युदय योजना से संवर रही ‘दूसरी पारी’

Lucknow Focus News Desk: उम्र के जिस पड़ाव में लोग अपनों का साथ ढूंढते हैं, वहां बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित भूहेरा वृद्धआश्रम के बुजुर्गों ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग के सहयोग से संचालित ‘अटल वयो अभ्युदय योजना’ (AVYAY) के तहत यहां आवासित वरिष्ठ नागरिकों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

हुनर से बढ़ेगा बुजुर्गों का आत्मसम्मान
फेयरडील ग्रामोद्योग सेवा समिति द्वारा संचालित इस वृद्धआश्रम में 19 मार्च से विशेष प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत हुई है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को 75 बुजुर्ग ‘माता-पिताओं’ ने उत्साह के साथ नए हुनर सीखे। इसमें बुजुर्गों को जूट का काम, लिफाफा बनाना, सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती और मोमबत्ती बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को केवल आवास देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है ताकि वे अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर न रहें।

उत्पादक गतिविधियों से जुड़ेंगे वरिष्ठ नागरिक
समिति के प्रबंधक के निर्देशन में पूरी व्यवस्थाएं जुटाकर यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन गतिविधियों से बुजुर्गों का न केवल आर्थिक स्तर सुधरेगा, बल्कि वे मानसिक रूप से भी सक्रिय और खुश रहेंगे। ‘उत्पादक वृद्धावस्था गतिविधियों’ के माध्यम से उन्हें यह अहसास कराया जा रहा है कि वे आज भी समाज के लिए उपयोगी हैं।
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