हेल्थ एंड वेलनेस

सावधान! सिर्फ डायरिया ही नहीं, दूषित पानी से हो सकती हैं ये 5 जानलेवा बीमारियां

Lucknow Focus News Desk: हाल ही में इंदौर और देश के अन्य हिस्सों से दूषित पानी के कारण होने वाली मौतों और बीमारियों के बढ़ते मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। अक्सर लोग अशुद्ध पानी को केवल पेट दर्द या दस्त (डायरिया) से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि गंदा पानी आपके लिवर, किडनी और तंत्रिका तंत्र को पूरी तरह से तबाह कर सकता है।

क्यों खतरनाक है दूषित पानी?

जब जल स्रोतों में सीवरेज का पानी या औद्योगिक कचरा मिल जाता है, तो उसमें सूक्ष्म बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी पनपने लगते हैं। पाइपलाइनों में लीकेज के कारण दिखने में साफ लगने वाला पानी भी सूक्ष्म जीवों का घर हो सकता है, जो रक्त प्रवाह में मिलकर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुँचाते हैं।

गंदे पानी से होने वाली गंभीर बीमारियाँ

हैजा (Cholera) और टाइफाइड (Typhoid): टाइफाइड ‘साल्मोनेला टाइफी’ बैक्टीरिया से होता है, जो तेज बुखार के साथ आंतों में घाव कर सकता है। हैजा में शरीर में पानी की इतनी तेजी से कमी होती है कि कुछ ही घंटों में मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।

हेपेटाइटिस A और E (लिवर इन्फेक्शन): दूषित पानी से होने वाले ये वायरल संक्रमण सीधे लिवर पर हमला करते हैं। इसके लक्षणों में पीलिया, अत्यधिक कमजोरी और भूख न लगना शामिल है। हेपेटाइटिस ‘E’ गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से जानलेवा हो सकता है।

पेचिश और आंतों के रोग: पानी में मौजूद परजीवी आंतों की परत को कमजोर कर देते हैं, जिससे मल के साथ खून आने और गंभीर मरोड़ की समस्या होती है। बच्चों में यह लंबे समय तक बना रहे, तो कुपोषण और शारीरिक विकास रुकने का कारण बनता है।

किडनी फेलियर का जोखिम: लगातार दस्त और उल्टी के कारण शरीर में ‘इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन’ हो जाता है, जो किडनी फेलियर और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की समस्याओं को जन्म दे सकता है।

बचाव के प्रभावी उपाय: खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

पानी उबालकर पिएं: पानी को शुद्ध करने का सबसे पुराना और प्रभावी तरीका इसे उबालना है। उबालने से अधिकांश रोगाणु मर जाते हैं।

क्लोरीन का उपयोग: यदि उबालना संभव न हो, तो पानी को कीटाणुरहित करने के लिए क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें।

बाहरी खान-पान से परहेज: सड़क किनारे बिकने वाले खुले पेय पदार्थों और बर्फ के उपयोग से बचें।

सफाई का ध्यान: जल संचयन (Water Storage) के बर्तनों को नियमित रूप से साफ करें और उन्हें ढककर रखें।

महत्वपूर्ण सलाह: यदि आपको तेज बुखार, लगातार दस्त या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और ओआरएस (ORS) या तरल पदार्थों का सेवन जारी रखें।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।

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