Yoga for Healthy Ageing: बढ़ती उम्र में बुज़ुर्गों को लाचारी से बचाएगा योग, डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी का बड़ा संदेश

Lucknow Focus News Desk: राजधानी लखनऊ के वज़ीरगंज स्थित प्रतिष्ठित ‘स्टेट तकमीलुत्तिब कॉलेज एंड हॉस्पिटल’ में सोमवार से 12वें ‘अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह’ (International Yoga Week) कार्यक्रम का अत्यंत गरिमामयी और उत्साहपूर्ण माहौल में शुभारम्भ हुआ। कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अब्दुल क़वी के संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित यह विशेष योग सप्ताह आगामी 21 जून (अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस) तक निरंतर जारी रहेगा।
इस सात दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य कॉलेज के भावी डॉक्टरों (विद्यार्थियों), शिक्षकों और चिकित्सा कर्मचारियों के बीच योग के प्रति चेतना जगाना और इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है।
तुलसी के पौधों में जल अर्पित कर हुआ अनोखा उद्घाटन, पर्यावरण और स्वास्थ्य का संगम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ‘मौलाना आज़ाद मेमोरियल अकादमी’ (लखनऊ) के महासचिव डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी और विशिष्ट अतिथि प्रख्यात योगाचार्य वासुदेव पाण्डेय रहे।
अनोखी पहल: अमूमन कार्यक्रमों की शुरुआत दीप प्रज्वलन से होती है, लेकिन तकमीलुत्तिब कॉलेज में इस बार पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य संवर्धन का अनूठा संदेश देते हुए मुख्य व विशिष्ट अतिथियों ने तुलसी के पौधों को ग्रहण किया और उनमें आदरपूर्वक जल अर्पित करके इस योग महोत्सव का उद्घाटन किया।
लंबी उम्र ही नहीं, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन ज़रूरी- डॉ. हाशमी
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. अब्दुल कुद्दूस हाशमी ने इस वर्ष (2026) के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा वर्ष 2026 के योग दिवस की वैश्विक थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ, सक्रिय एवं गरिमामय वृद्धावस्था के लिए योग) तय की गई है।
डॉ. हाशमी ने कहा कि आज चिकित्सा विज्ञान के कारण विश्वभर में इंसान की औसत आयु तो बढ़ रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या हमें बीमारियों से घिरी लंबी उम्र चाहिए या फिर एक स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन?
बुजुर्गों के लिए संकल्प: योग का वास्तविक अर्थ ही ‘जोड़ना’ है शरीर को मन से और व्यक्ति को संतुलित जीवन से। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हमारे माता-पिता और घर के बुज़ुर्ग केवल दीर्घायु ही न हों, बल्कि वे एक आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जिएं। इसी के साथ उन्होंने पूरे कॉलेज परिसर को एक अत्यंत प्रेरणादायी नारा दिया “रोज़ योग करेंगे, निरोग रहेंगे।”
योगाचार्य वासुदेव पाण्डेय ने सिखाए आसन, प्रोफेसर मनीराम ने जताया आभार
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और योगाचार्य वासुदेव पाण्डेय ने बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य में योग की भूमिका को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से वृद्धावस्था में भी शारीरिक शक्ति, शरीर का संतुलन, जोड़ों का लचीलापन और मानसिक शांति बनी रहती है। भाषण के उपरांत उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं, प्रोफेसर्स और स्टाफ को विभिन्न योगासनों का लाइव अभ्यास कराया और उनके चिकित्सीय (Therapeutic) लाभ भी बताए।
इस भव्य उद्घाटन कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अब्दुल मलिक ने किया, जबकि कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर मनीराम सिंह ने आए हुए सभी अतिथियों, प्रबुद्ध नागरिकों और छात्र-छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।




