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बंगाल में ‘अस्मिता’ की जंग और तमिलनाडु में ‘काली शर्ट’ का विरोध, 23 अप्रैल को होगा महामुकाबला

Lucknow Focus News Desk: देश के पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में हो रहे विधानसभा चुनावों का पारा अब चरम पर है। असम, केरल और पुदुचेरी में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब सारा ध्यान पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु पर केंद्रित हो गया है। इन दोनों राज्यों में 23 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके लिए दिग्गजों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

पश्चिम बंगाल: ‘बंगाली पहचान’ बनाम ‘परिवर्तन’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के बीच बंगाल में शब्दों का युद्ध तेज हो गया है। जहां एक ओर सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर ‘बंगाल विरोधी’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली या गुजरात से बंगाल का शासन नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने ‘पोइला बैसाख’ (बंगाली नव वर्ष) के अवसर पर जनता से अपनी भाषा, संस्कृति और ‘मां-माटी-मानुष’ के गौरव की रक्षा के लिए टीएमसी को वोट देने की अपील की। तो दूसरी ओर बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए टीएमसी को ‘जीवित जीवाश्म’ (Living Fossil) करार दिया। उन्होंने दावा किया कि जनता अब टीएमसी को नकार चुकी है और बंगाल में बदलाव तय है।

तमिलनाडु: परिसीमन के विरोध में ‘ब्लैक शर्ट’ प्रोटेस्ट

तमिलनाडु की राजनीति में ‘परिसीमन विधेयक’ (Delimitation Bill) एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। मदुरै पूर्व में चुनाव प्रचार के दौरान उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन काले रंग की शर्ट पहनकर पहुँचे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिए दक्षिण भारतीय राज्यों, विशेषकर तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व कम करने की साजिश रच रही है। डीएमके नेताओं द्वारा इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन किया जा रहा है, जिसमें काली शर्ट पहनना और काले झंडे दिखाना शामिल है।

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