उत्तर प्रदेशलखनऊ

शिक्षा व्यापार नहीं, संस्कार का माध्यम है: एक्सपर्ट पब्लिक स्कूल के नन्हे कलाकारों ने नाटकों के जरिए दिया बड़ा संदेश

Lucknow Focus News Desk: आर.बी.दास मेमोरियल सोसायटी के अंतर्गत संचालित एक्सपर्ट पब्लिक स्कूल किड्स ज़ोन द्वारा जानकीपुरम विस्तार के अभिषेक पुरम में ‘बाल दीक्षांत समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने न केवल अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा दिखाई, बल्कि ‘मोबाइल की लत’ और ‘शिक्षा के बाजारीकरण’ जैसे गंभीर विषयों पर मार्मिक नाटक प्रस्तुत कर अभिभावकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

मुख्य अतिथि एवं गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ मुख्य अतिथियों द्वारा किया गया, जिनमें शामिल थे।

राकेश सिंह: निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान।

अदिति उमराव: परियोजना निदेशक, आपदा प्रबंधन।

महेश चंद्र देवा: विख्यात फिल्म अभिनेता एवं सचिव, मदर सेवा संस्थान।

अमरेश कुमार: मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।

शशि सिंह: पूर्व पार्षद एवं भाजपा नेत्री।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक

विद्यालय की अध्यापिकाओं द्वारा स्वागत गीत से शुरू हुए इस कार्यक्रम में बच्चों ने एनिमल डांस, भांगड़ा और खाना डांस जैसी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। वर्ष 2002 में स्थापित इस विद्यालय ने अब तक 10,000 से अधिक बच्चों को संस्कारवान शिक्षा प्रदान की है।

जागरूकता फैलाने वाले दो प्रमुख लघु नाटक

अभिनेता महेश चंद्र देवा के मार्गदर्शन में दो विशेष नाटकों का मंचन किया गया, जिनका निर्देशन विभा मिश्रा, रंगोली श्रीवास्तव और शशि मिश्रा ने किया।

“शिक्षा की दुकान”: इस व्यंग्य नाटक के माध्यम से शिक्षा के बढ़ते व्यापार पर कटाक्ष किया गया। नाटक में दिखाया गया कि कैसे अभिभावक ‘स्टेटस सिंबल’ के चक्कर में महंगे इंटरनेशनल स्कूलों की ओर भागते हैं, जबकि वास्तविक ज्ञान और संस्कार गौण हो जाते हैं।

“मोबाइल और सोशल मीडिया”: इस नाटक में इंटरनेट के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स को पात्रों के रूप में दर्शाया गया। यह दिखाया गया कि जब माता-पिता स्वयं मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, तो बच्चे कैसे एकाकीपन और तकनीक के जाल में फंस जाते हैं। नाटक ने तकनीक के संतुलित उपयोग का सशक्त संदेश दिया।

सम्मान और विजन

समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को रिपोर्ट कार्ड और पदक प्रदान किए गए। विद्यालय के संस्थापक रामपाल दास ने कहा कि प्रारंभिक बाल शिक्षा ही बच्चे के भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानाचार्या दीप्ति सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन जिगिशा ने किया।

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