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Health Tips: हाई और लो दोनों तरह की ब्लड शुगर खतरनाक, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Lucknow Focus News Desk: आमतौर पर डायबिटीज से जूझ रहे लोग हाई ब्लड शुगर को लेकर ज्यादा सतर्क रहते हैं और शुगर लेवल कम करने के उपाय अपनाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लड शुगर का सामान्य स्तर से नीचे गिरना भी उतना ही खतरनाक हो सकता है। ऐसे में हाई और लो, दोनों ही स्थितियों के लक्षणों को समझना और समय पर सतर्क होना बेहद जरूरी है।

ब्लड शुगर का स्तर शरीर में एक संतुलन की तरह काम करता है। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो शरीर के अंगों पर इसका सीधा असर पड़ता है। जहां हाई ब्लड शुगर धीरे-धीरे दिल, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचाती है, वहीं लो ब्लड शुगर अचानक बेहोशी या दौरे जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए फास्टिंग ब्लड शुगर का स्तर 70 से 100 mg/dL के बीच माना जाता है। शुगर का बढ़ना शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है, जबकि शुगर का गिरना अचानक आने वाली आपात स्थिति जैसा होता है। इसलिए दोनों ही स्थितियों की पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।

लो ब्लड शुगर के लक्षण

जब ब्लड शुगर 70 mg/dL से नीचे चला जाता है, तो दिमाग को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती। इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज भूख लगना, हाथ-पांव कांपना, अत्यधिक पसीना आना, घबराहट, चक्कर आना और नजर धुंधली होना शामिल है। ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ मीठा, जैसे गुड़ या चीनी का सेवन करें और डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज न मिलने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है या कोमा में भी जा सकता है।

हाई ब्लड शुगर के लक्षण

ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसके संकेतों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, थकान महसूस होना, घावों का देर से भरना और बिना वजह वजन घटना शामिल है। इसके अलावा त्वचा पर खुजली या बार-बार संक्रमण होना भी हाई शुगर का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करने से अंगों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

ब्लड शुगर बिगड़ने के कारण

गलत खानपान, दवाओं का सही समय पर सेवन न करना, ज्यादा मीठा या मैदा युक्त भोजन करना ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। वहीं, खाना छोड़ देना, भारी एक्सरसाइज के बाद भोजन न करना, तनाव और पूरी नींद न लेना शुगर लेवल को अचानक गिरा सकता है।

कैसे रखें ब्लड शुगर नियंत्रण में

ब्लड शुगर को संतुलित रखना मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी सतर्कता जरूरी है। डायबिटीज के मरीज घर पर ग्लूकोमीटर रखें और नियमित जांच करते रहें। फाइबर युक्त आहार लें, रोजाना टहलें, पर्याप्त पानी पिएं और दवाएं समय पर लें। शरीर के संकेतों को समझें और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी बीमारी या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

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