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एसबीआई ने घटाई लोन ब्याज दरें, ईएमआई में मिलेगी राहत

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने लोन पर ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है। इससे अब ग्राहकों को सस्ते में लोन मिल सकेगा और मौजूदा लोन की ईएमआई (EMI) भी कम हो जाएगी। बैंक ने यह फैसला रेपो रेट में हुई ताजा कटौती के बाद लिया है।

हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की गई थी। वर्ष 2025 में अब तक कुल 0.50% की कमी की जा चुकी है। इस कटौती का सीधा असर बैंकों की उधारी दरों पर देखने को मिल रहा है।

अब कितनी हो गई ब्याज दर?

एसबीआई ने अपने एक्सटर्नल बेंचमार्क आधारित लेंडिंग रेट (EBLR) को घटाकर 8.65% कर दिया है, जो पहले 8.90% था। इसके अलावा रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) भी 8.50% से घटकर अब 8.25% कर दिया गया है। हालांकि, क्रेडिट रिस्क प्रीमियम (CRP) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ईएमआई में कितनी होगी बचत?

ब्याज दर में कटौती से लोन पर लगने वाला मासिक किस्त का बोझ कम होगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी ग्राहक ने 10 लाख रुपये का होम लोन 20 वर्षों के लिए लिया है, तो पहले 8.25% की ब्याज दर पर उसकी ईएमआई लगभग ₹8,521 बनती थी। लेकिन नई दर 8% लागू होने के बाद ईएमआई घटकर ₹8,364 रह जाएगी। यानी हर महीने करीब ₹157 की बचत, और पूरे लोन कार्यकाल में ₹37,000 से ज्यादा की राहत मिल सकती है।

दूसरे बैंक भी कर चुके हैं कटौती

एसबीआई से पहले पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक भी लोन ब्याज दरों में कटौती कर चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, आगे और भी बैंक अपनी लेंडिंग रेट्स में संशोधन कर सकते हैं। आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती का उद्देश्य देश में महंगाई पर नियंत्रण पाना और उपभोक्ताओं को राहत देना है। जब रेपो रेट कम होता है तो बैंक सस्ते दर पर आरबीआई से कर्ज लेते हैं, जिससे आम ग्राहकों को भी कम ब्याज दर पर लोन मिल पाता है।

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