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हैदराबाद में भीषण आग का कहर, चारमीनार के पास गुलजार हाउस में लगी आग, 17 की मौत

Lucknow Focus News Desk: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे शहर को हिला दिया। ऐतिहासिक चारमीनार के समीप स्थित गुलजार हाउस इलाके में एक इमारत में भीषण आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और प्रभावित परिवारों के प्रति दुख जाहिर किया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बचाव और राहत कार्यों में किसी तरह की कोताही न हो।

अब तक की सबसे बड़ी अग्निकांडों में से एक

जिस इमारत में आग लगी, वह एक जानी-मानी व्यावसायिक और आवासीय बिल्डिंग है। आग की चपेट में आने से यह हादसा हैदराबाद के सबसे गंभीर अग्निकांडों में से एक बन गया है। हादसे में घायल हुए 10 से अधिक लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें DRDO हॉस्पिटल, उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल, और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर से हुई

दमकल विभाग के अनुसार, आग सुबह लगभग 5:30 बजे लगी, जब अधिकतर लोग सो रहे थे। बताया जा रहा है कि आग बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक मोती की दुकान से शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरी इमारत में फैल गई। धुएं के कारण लोगों को दम घुटने लगा, जिससे मौतें हुईं। शॉर्ट सर्किट को आग लगने की प्राथमिक वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच अभी जारी है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का शोक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर घटना पर शोक जताते हुए लिखा, “हैदराबाद में आग की घटना बेहद दुखद है। जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायल जल्द ठीक हों।”

प्रधानमंत्री कार्यालय ने राहत राशि की घोषणा भी की है। मृतकों के परिवार को ₹2 लाख और घायलों को 50,000 रुपये यह सहायता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दी जाएगी।

दमकल विभाग ने 11 यूनिट्स भेजीं

आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 11 गाड़ियों को तैनात किया गया था। इनमें से टीमें लैंगरहौज़, मुगलपुरा, राजेंद्र नगर, सालारजंग म्यूज़ियम समेत कई दमकल स्टेशनों से आई थीं। बचाव कार्य में शामिल संसाधनों में दो रेस्क्यू टेंडर, एक ब्रोंटो स्काईलिफ्ट, तीन वाटर टैंकर और एक फायरफाइटिंग रोबोट भी शामिल थे।

स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई

तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनार सिम्हा के निर्देश पर उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल में आपातकालीन मेडिकल टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में प्लास्टिक सर्जन, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, और जनरल सर्जरी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो चौबीसों घंटे पीड़ितों का इलाज करेंगे। स्वास्थ्य सचिव क्रिस्टीना जेड. चोंगथू, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार, और स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवींद्र नायक भी राहत कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं।

मोती की दुकान से फैली आग

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि आग एक मोती की दुकान से शुरू हुई थी, जो एक परिवार की थी और उसी दुकान के ऊपर उनका निवास भी था। उन्होंने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत पर ज़ोर दिया।

इस भयानक हादसे ने एक बार फिर शहरों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

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