लखनऊ

BBAU में ‘हिंदी पखवाड़ा उत्सव 2025’ का हुआ शुभारंभ, हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने पर हुई चर्चा

पूर्व मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी बोले- 'हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, संस्कारों की जननी है', 30 सितंबर तक चलेंगे कार्यक्रम

Lucknow Focus News Desk: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में ‘हिंदी दिवस’ के उपलक्ष्य में ‘हिंदी पखवाड़ा उत्सव 2025’ का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 16 से 30 सितंबर 2025 तक चलेगा, जिसका उद्घाटन ‘राजभाषा हिंदी: एक पहचान’ विषय पर आयोजित एक समारोह से हुआ।

हिंदी पर वक्ताओं ने रखे अपने विचार

प्रो. पवन अग्रवाल (लखनऊ विश्वविद्यालय) ने हिंदी को भारत की राष्ट्रीय एकता की वाहक बताया और चिंता जताई कि आजादी के 75 साल बाद भी हिंदी को पूरी तरह से राजभाषा का दर्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि हिंदी आज रोजगार और वैश्विक भाषा बन रही है, जिसे क्षेत्रीय भाषाएं और भी मजबूत बनाती हैं।

मुख्य अतिथि के तौर पर प्रो. सतीश चंद्र द्विवेदी (पूर्व मंत्री) ने कहा कि हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि संस्कारों की जननी और भारत की आत्मा है। उन्होंने महात्मा गांधी के हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के सपने को पूरा होने की उम्मीद जताई।

संजय (अखिल भारतीय इतिहास संकलन) ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न देश अपनी मातृभाषा में काम करते हैं, इसलिए भारत को भी अपनी भाषाओं में काम करना चाहिए। उन्होंने परिवार में हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया, क्योंकि यह संस्कृति से जुड़ा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. राजकुमार मित्तल (कुलपति, BBAU) उन्होंने हिंदी को देश की पहचान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज हिंदी आर्थिक विकास की भी भाषा बन गई है।

30 सितंबर को होगा समापन समारोह

‘हिंदी पखवाड़ा उत्सव’ के दौरान निबंध, कविता, सुलेख और टंकण जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, ‘भारतीय ज्ञान परम्परा और हिंदी साहित्य’ पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी और कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 30 सितंबर 2025 को होगा।

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