उत्तर प्रदेशलखनऊ

परिषदीय विद्यालयः योगी सरकार ने 20 दिनों में ही पूरा किया नवीन नामांकन का एक चौथाई लक्ष्य

Lucknow Focus News Desk: योगी सरकार द्वारा संचालित स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत प्रदेश में नवीन नामांकन की प्रक्रिया ने शुरुआती चरण में ही तेज गति पकड़ ली है। अप्रैल माह से गतिशील इस अभियान के अंतर्गत पिछले सत्र में लगभग 34 लाख से अधिक नये नामांकन हुए थे। उसके सापेक्ष इस सत्र में 20 अप्रैल तक यानी मात्र 20 दिनों में ही 8 लाख 79 हजार से अधिक नए बच्चों का नामांकन दर्ज किया जा चुका है। यह परिषदीय शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

प्रदेश के लगभग 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों में यह अभियान सक्रिय रूप से संचालित हो रहा है। योगी सरकार के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग घर-घर संपर्क, जन-जागरूकता और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए सार्वभौमिक शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन की गति सबसे तेज

योगी सरकार द्वारा परिषदीय कक्षाओं पर विशेष फोकस का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आंकड़े बताते हैं कि कक्षा 1 और कक्षा 6 में नामांकन की गति सर्वाधिक है। कक्षा 1 में वर्ष 2025-26 के 16,03,833 के सापेक्ष वर्ष 2026-27 में मात्र 20 दिनों में ही 5,29,726 नामांकन दर्ज किए गए हैं, जबकि कक्षा 6 में वर्ष 2025-26 के 10,94,026 के मुकाबले वर्ष 2026-27 में 2,73,621 नामांकन हो चुके हैं। अन्य कक्षाओं में भी नामांकन की प्रक्रिया निरंतर गतिशील है, जहां कक्षा 2 में 28,571, कक्षा 3 में 17,686, कक्षा 4 में 10,772, कक्षा 5 में 8,418, कक्षा 7 में 6,513 तथा कक्षा 8 में 3,302 नामांकन दर्ज किए गए हैं।

समन्वित प्रयासों से मिले परिणाम, आगे और तेजी की तैयारी

यह उपलब्धि पिछले शैक्षिक सत्र 2025-26 के कुल नवीन नामांकन (लगभग 34 लाख) के सापेक्ष करीब 26 प्रतिशत है। यह अभियान की प्रभावी रणनीति और सशक्त जमीनी क्रियान्वयन से संभव हुआ है। अब शेष लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और अधिक सक्रियता के साथ कार्य कर रहा है। चूंकि यह अभियान जुलाई माह तक संचालित होगा, इसलिए आगामी चरणों में नामांकन को और गति देने के लिए विभागीय अधिकारियों से लेकर शिक्षकों तक समन्वित और सुदृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं।

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