चार श्रम संहिताओं के खिलाफ 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल, लखनऊ में तैयारियां तेज

Lucknow Focus News Desk: देश में चारों श्रम संहिताएं 21 नवंबर 2025 से लागू कर दी गई हैं। ट्रेड यूनियनों का कहना है कि ये संहिताएं मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करती हैं और उन्हें बंधुआ बनाने जैसा प्रावधान करती हैं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा दिए गए सुझावों को नजरअंदाज किए जाने के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन एवं स्वतंत्र फेडरेशनों ने 12 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय हड़ताल का आह्वान किया है।
इस हड़ताल की तैयारी के सिलसिले में लखनऊ जिले के सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक चारबाग स्थित ए.पी. सेन रोड पर उप श्रम आयुक्त कार्यालय के ट्रेड यूनियन हाल में आयोजित की गई। बैठक में हड़ताल को सफल बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं
1 फरवरी 2026 (रविवार) को उप श्रम आयुक्त कार्यालय के ट्रेड यूनियन हाल में दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक एक संयुक्त कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा।
हड़ताल के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए वाहन रैली का आयोजन किया जाएगा। नादरगंज, ऐशबाग और चिनहट स्थित फैक्ट्रियों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। हड़ताल के दिन ए.पी. सेन रोड, चारबाग स्थित उप श्रम आयुक्त कार्यालय पर सभा आयोजित कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में सीटू से राहुल मिश्रा, एटक से कामरेड रामेश्वर यादव एवं अखिलेश, इंटक से कामरेड दिलीप और सुधीर, एचएमएस से कामरेड पीयूष मिश्रा, एक्टू से कामरेड मगन तथा सेवा से बहन सीता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सभी संगठनों से अपील की गई है कि वे 1 फरवरी को आयोजित होने वाले संयुक्त कन्वेंशन में अपने-अपने प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से भेजें।




