उत्तर प्रदेश

कौशाम्बी: स्कूल में चाकू और चापड़ लेकर पहुंचीं महिला प्रधानाध्यापिका, बच्चों में मची दहशत

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज महिला प्रधानाध्यापिका हाथों में धारदार हथियार (चाकू और चापड़) लेकर स्कूल पहुंच गईं। इस घटना से विद्यालय के बच्चों और अन्य शिक्षकों में भारी दहशत फैल गई। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस ने भी इस संदर्भ में एफआईआर (FIR) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

यह सनसनीखेज घटना सैनी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय ‘लुकिया डोरमा’ की है। शुक्रवार सुबह विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शिखा सिंह हाथों में चाकू और चापड़ लेकर स्कूल परिसर में दाखिल हुईं। उन्हें हथियारों के साथ देखकर बच्चे और स्टाफ बुरी तरह सहम गए।

स्कूल के स्टाफ के अनुसार, प्रधानाध्यापिका ने चाकू दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की। जब अन्य शिक्षकों ने सुरक्षा के लिहाज से इस घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगीं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल स्टाफ ने तुरंत तत्परता दिखाई और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें विद्यालय से हटाकर पास ही स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में शिफ्ट कर दिया।

पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत एक्शन में आए। सूचना पर महिला उपनिरीक्षक (SI) लक्ष्मी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सूझबूझ से काम लेते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापिका को समझाया और उनके हाथ से चाकू व चापड़ अपने कब्जे में लिए।

बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने मामले की गंभीरता और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ को देखते हुए प्रधानाध्यापिका शिखा सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया।

विद्यालय के सहायक अध्यापक विकास सिंह की तहरीर के आधार पर सैनी कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिखा सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और मामले की कानूनी जांच की जा रही है।

मानसिक स्थिति ठीक न होने की आशंका

खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नीरज उमराव ने बताया कि घटना के बाद जब प्रधानाध्यापिका के परिजनों से संपर्क कर बातचीत की गई, तो प्राथमिक रूप से यह जानकारी सामने आई है कि महिला प्रधानाध्यापिका की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। पुलिस और शिक्षा विभाग अब इस पहलू को भी ध्यान में रखकर आगे की जांच कर रहे हैं।

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