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लखनऊ की चित्रकार प्रतिमा सिंह की ‘विरासत’ प्रदर्शनी ने कोलकाता में जमाया रंग

Lucknow Focus News Desk: कला और संस्कृति का शहर कोलकाता, इन दिनों लखनऊ की जानी-मानी स्वतंत्र चित्रकार प्रतिमा सिंह की पांचवीं एकल कला प्रदर्शनी ‘विरासत’ की मेजबानी कर रहा है। शहर के प्रतिष्ठित एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स की वेस्ट गैलरी में आज इस भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन कला और इतिहास के सुप्रसिद्ध मर्मज्ञ और समालोचक श्री प्रसांता दाॅ ने किया।

प्रदर्शनी में प्रतिमा सिंह की 32 अद्भुत पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया गया है, जो भारतीय लोकजीवन, परंपराओं, आध्यात्म और प्रकृति के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं। यहाँ ‘रानी हाड़ा की स्टोरी’, ‘वट पूजन’, ‘ग्राम देवता’, ‘अजंता केव आर्ट्स’ जैसी कृतियों के साथ-साथ विशेष रूप से कोलकाता के ‘हाथ रिक्शा’ का चित्रण दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री लेने के बाद भी अपनी रुचि के कारण चित्रकला को अपनाने वाली प्रतिमा सिंह की कला यात्रा बेहद खास रही है। उनकी कला समय के साथ सजावटी शैली से हटकर आत्म-अभिव्यक्ति की ओर अग्रसर हुई। उनकी वर्तमान ‘विरासत’ श्रृंखला में लोक कला शैली, ग्रामीण परिवेश और अजंता गुफा चित्रों की झलक साफ दिखाई देती है। उनके चित्रों में बचपन से मिले संस्कार और पारिवारिक परंपराओं की गहरी छाप स्पष्ट झलकती है।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि श्री प्रसांता दाॅ ने प्रतिमा सिंह की कला की सराहना करते हुए कहा, “प्रतिमा की पेंटिंग्स केवल सुंदर नहीं हैं, बल्कि वे हमारी संस्कृति, इतिहास और समाज का जीवंत प्रतिबिंब हैं। उनकी कला दर्शकों के मन को गहराई तक स्पर्श करती है।”

अपनी प्रदर्शनी के बारे में बताते हुए प्रतिमा सिंह ने कहा, “मेरी यह कला श्रृंखला मेरी सांस्कृतिक जड़ों, हमारी परंपराओं और प्रकृति से जुड़ी मेरी भावनाओं का एक कलात्मक रूप है। मेरा एकमात्र प्रयास है कि मैं अपनी इस कला के माध्यम से हमारी धरोहर को जीवित रख सकूं।”

प्रतिमा सिंह को उनकी कला के लिए राज्य पुरस्कार, स्वर्ण पदक और संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) की वरिष्ठ फैलोशिप सहित कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले हैं। उनकी कृतियाँ कई प्रतिष्ठित संगठनों और निजी संग्रहों में सुरक्षित हैं।

यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों के लिए 12 से 18 सितंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से रात 8:00 बजे तक खुली रहेगी।

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