उत्तर प्रदेश

टीबी मृत्यु दर घटाने पर फोकस: 8 राज्यों के अधिकारियों को ‘डिफ्रेंशिएटेड टीबी केयर’ की नई गाइडलाइंस पर प्रशिक्षण

Lucknow Focus News Desk: टीबी (क्षय रोग) से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लक्ष्य के साथ, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के सात अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘डिफ्रेंशिएटेड टीबी केयर’ (विभेदित टीबी देखभाल) पर दो दिवसीय महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ में संपन्न हुआ।

केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की उपमहानिदेशक डॉ. उर्वशी बी. सिंह ने प्रशिक्षण के समापन अवसर पर अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य गंभीर टीबी केसों की तुरंत पहचान करना, उन्हें आंतरिक और वाह्य रोगी सेवाओं से जोड़ना, उपचार परिणामों में सुधार करना और टीबी से संबंधित मृत्यु दर को कम करना है।

नई गाइडलाइंस को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश

डॉ. उर्वशी बी. सिंह ने अधिकारियों को विभेदित टीबी देखभाल और ड्रग रेजिस्टेंट टीबी की नई गाइडलाइंस को आत्मसात करने और उन्हें प्रभावी तरीके से जिला स्तर तक लागू करने का निर्देश दिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि इस प्रशिक्षण के बाद सभी राज्य क्षय रोग अधिकारी (STO) अपने प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) स्तर तक ट्रेनिंग दें, ताकि इसका लाभ ग्रामीण स्तर तक पहुँच सके। कार्यशाला में प्राइवेट सेक्टर में विभेदित टीबी देखभाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया, जिससे कार्यक्रम की पहुंच बढ़े और मरीजों की जल्दी पहचान हो।

व्यक्तिगत देखभाल और प्रोत्साहन पर चर्चा

राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की सक्रियता बढ़ाने और CHO तथा फैमिली केयर गिवर के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभेदित टीबी देखभाल के दिशा-निर्देशों में मरीजों की जोखिम प्रोफ़ाइल के आधार पर व्यक्तिगत देखभाल शामिल है। इसमें पोषण सहायता और नियमित अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है।

प्रशिक्षण कार्यशाला में टीबी चैंपियन को फिर से सक्रिय करने और उनके प्रोत्साहन (इन्सेंटिव) को गतिविधि आधारित मानदेय पर रखने पर विचार किया गया।

कार्यशाला में राष्ट्रीय टीबी टास्क फ़ोर्स के चेयरमैन डॉ. अशोक भारद्वाज और वाइस चैयरमैन डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केजीएमयू के रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्याकांत और हरियाणा के राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश राजू को सम्मानित भी किया गया।

Related Articles

Back to top button