उत्तर प्रदेश

यमुना एक्सप्रेसवे हादसा: मां ने बच्चों को बचाया, खुद नहीं बच पाई; 13 की मौत और 80 घायल

Lucknow Focus News Desk: मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के कारण हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मार्मिक घटना सामने आई है। इस हादसे में एक माँ ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपने दोनों बच्चों को बचा लिया, लेकिन खुद आग की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

घने कोहरे के कारण एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं, जिसके परिणामस्वरूप वाहनों में भयंकर आग लग गई। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 80 लोगों के घायल होने की सूचना है।

मां का बलिदान

हमीरपुर के राठ की रहने वाली 42 वर्षीय पार्वती अपने दो बच्चों प्राची और शनि के साथ नोएडा से अपने पति गोविंद के पास लौट रही थीं। जब बस टकराई और उसमें आग लगने लगी, तो पार्वती ने बिना देर किए बस का शीशा तोड़कर अपने दोनों बच्चों को बाहर निकाल दिया। दुर्भाग्यवश, बच्चों को बचाने की कोशिश में पार्वती के गले में टूटा हुआ कांच फंस गया और वह खुद जलती बस से बाहर नहीं निकल पाईं।

परिजनों की पीड़ा

पार्वती के देवर गुलज़ारी ने बताया कि परिवार को जब हादसे की खबर मिली, तो वे सीधे हमीरपुर से पार्वती को खोजने के लिए मथुरा पहुँचे। परिजनों को पार्वती न तो जिला अस्पताल में मिली हैं और न ही वृंदावन के अस्पताल में। अब वे उन्हें खोजते हुए पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे हैं।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन पार्वती के दोनों बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि इस हादसे ने उनका सब कुछ बर्बाद कर दिया।

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