वृंदावन नाव हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 11, देवराहा बाबा आश्रम के पास मिला एक और शव, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Lucknow Focus News Desk: वृंदावन में यमुना नदी की लहरों के बीच शुक्रवार को हुआ दर्दनाक हादसा शनिवार को और भी भयावह हो गया। रेस्क्यू टीम को देवराहा बाबा आश्रम के समीप एक और श्रद्धालु का शव बरामद हुआ है, जिससे इस हादसे में जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब 11 पहुँच गई है। लापता लोगों की तलाश में एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और सेना की टुकड़ियां अभी भी यमुना की गहराईयों को खंगाल रही हैं।
भक्ति का सफर, चीख-पुकार में बदला
हादसा शुक्रवार दोपहर उस समय हुआ जब पंजाब और हरियाणा के लुधियाना, हिसार, मुक्तसर और जगरांव से आए 130 श्रद्धालुओं का दल वृंदावन दर्शन के लिए पहुंचा था। इनमें से 37 श्रद्धालु एक मोटरबोट पर सवार होकर यमुना विहार कर रहे थे। केसीघाट और बंशीवट के बीच स्थित पांटून पुल के पास अचानक नाव अनियंत्रित होकर पुल से जा टकराई और देखते ही देखते पलट गई।
नाव पलटते ही यमुना के गहरे पानी में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई, लेकिन तेज बहाव के कारण कई लोग डूब गए।
युद्धस्तर पर रेस्क्यू और राहत कार्य
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के साथ-साथ पीएसी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर सक्रिय हो गईं। अब तक 15 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर वृंदावन के रामकृष्ण मिशन अस्पताल और मांट सीएचसी में भर्ती कराया गया है। शनिवार सुबह से ही सेना की टुकड़ी और एनडीआरएफ के गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। नदी के विभिन्न हिस्सों में जाल डालकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
जांच के घेरे में लापरवाही
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब पांटून पुल को हटाया जा रहा था। आरोप है कि लापरवाहीपूर्ण तरीके से पुल को हटाने के दौरान मोटरबोट उसकी चपेट में आ गई। हालांकि, प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
मृतकों में सबसे अधिक संख्या लुधियाना के यात्रियों की बताई जा रही है। शनिवार को मृतकों के परिजनों के वृंदावन पहुंचने के बाद माहौल और भी गमगीन हो गया है।
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