उत्तर प्रदेश

राज्यकर्मियों के लिए सुनहरा मौका: साहित्यिक कृतियों पर मिलेगा एक लाख का पुरस्कार, 15 जुलाई तक करें आवेदन

Lucknow Focus News Desk: उत्तर प्रदेश के साहित्यिक प्रतिभा संपन्न राज्यकर्मियों के लिए एक सुनहरा अवसर आया है। राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा वार्षिक साहित्यिक पुरस्कार 2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस पुरस्कार का उद्देश्य राज्यकर्मियों द्वारा रचित मौलिक साहित्यिक कृतियों को सम्मानित करना है।

इस बार पुरस्कार उन लेखकों को दिए जाएंगे, जिनकी दीर्घकालीन साहित्यिक सेवा रही है और जिन्होंने गद्य या पद्य में कोई मौलिक पुस्तक प्रकाशित की है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2025 निर्धारित की गई है। चयनित साहित्यकारों को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

आवेदन से जुड़ी मुख्य बातें:

  • ऑनलाइन आवेदन संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए लिंक के माध्यम से 15 जुलाई तक किए जा सकते हैं।
  • इसके बाद, कृति की 6 मुद्रित प्रतियाँ और भरे हुए आवेदन पत्र की 4 प्रतियाँ 25 जुलाई, 2025 तक संस्थान को भेजनी अनिवार्य होंगी।
  • आवेदन उन्हीं राज्यकर्मियों द्वारा किया जा सकता है जो उत्तर प्रदेश सरकार की नियमित सेवा में हों या जिनकी सेवा कम से कम तीन वर्ष की हो चुकी हो। संविदा, दैनिक भोगी या वर्कचार्ज कर्मचारी पात्र नहीं होंगे।
  • सेवा प्रमाण-पत्र या नियुक्ति/स्थायीकरण से संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रति अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होगी।

किन कृतियों पर मिलेगा पुरस्कार?

पुरस्कार उन्हीं पुस्तकों को मिलेगा जो देवनागरी लिपि में लिखी गई हों या उर्दू (फारसी लिपि) में प्रकाशित हुई हों, उत्तर प्रदेश की भाषाओं या बोलियों में रची गई हों, साहित्य के गद्य/पद्य के साथ-साथ यात्रा-वृत्तांत, आत्मकथा, जीवनी, संस्कृति, पर्यावरण, विज्ञान, शिक्षा, आलोचना, अनुवाद आदि विधाओं में हों, पुस्तक के रूप में प्रकाशित हों और उसमें प्रकाशन वर्ष अंकित हो।

आवेदन कैसे करें?

निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरें और कृति की प्रतियाँ भेजें। प्रारूप की प्रति संस्थान से डाक द्वारा भी मंगवाई जा सकती है, इसके लिए डाक टिकट युक्त लिफाफा भेजना होगा। सभी डाक केवल भारत सरकार के डाक विभाग से ही भेजें, कूरियर सेवा से आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।

चयन प्रक्रिया

आवेदनों की समीक्षा पुरस्कार समिति द्वारा की जाएगी। समिति का निर्णय अंतिम होगा और चयनित लेखकों को इसकी सूचना पत्र द्वारा दी जाएगी।

Also Read: हैदरगढ़ में दिवंगत अधिवक्ता शिवानंद मिश्र की पुण्यतिथि पर सेवा सहायता शिविर आयोजित, सैकड़ों ने पाया लाभ

Related Articles

Back to top button