बिजनेस

GDP डेटा के बाद सरकार की बड़ी घोषणा: खाने के तेल की कीमतों में आएगी राहत, टैक्स में कटौती

Lucknow Focus News Desk: देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी अच्छी खबरों के बीच आम उपभोक्ताओं के लिए भी राहत भरी सूचना सामने आई है। केंद्र सरकार ने खाने के तेलों पर आयात शुल्क में कटौती करने का ऐलान किया है, जिससे आगामी दिनों में तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है। यह कदम 31 मई से प्रभावी हो गया है।

कस्टम ड्यूटी में बड़ी कटौती

सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, कच्चे पाम तेल, कच्चे सोया तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। इस फैसले के बाद इन तेलों पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी घटकर 27.5% से 16.5% हो गई है। हालांकि, यह अब भी एग्री सेस (कृषि उपकर) के अधीन रहेगा।

भारत अपनी वनस्पति तेल की जरूरतों का लगभग 70% हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। मुख्य रूप से पाम तेल की खरीद इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से होती है, जबकि सोया और सूरजमुखी तेल का इंपोर्ट अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन जैसे देशों से किया जाता है।

कीमतों में संभावित गिरावट

इस नीति परिवर्तन से न केवल घरेलू बाजार में खाद्य तेल की कीमतें नियंत्रित होंगी, बल्कि इससे विदेशी खरीद बढ़ने की भी उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे पाम, सोया और सूरजमुखी तेल की मांग में इजाफा हो सकता है।

किस पर कितना घटा टैक्स?

  • तेल का नाम  पहले की ड्यूटी (%)   अब की ड्यूटी (%)    कुल आयात शुल्क (%)
  • कच्चा पाम तेल      20%        10%        16.5%
  • कच्चा सोया तेल     20%        10%        16.5%
  • कच्चा सूरजमुखी तेल  20%        10%        16.5%

रिफाइंड तेलों पर आयात शुल्क 35.75% बना रहेगा, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या होगा असर?

सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम महंगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ घरेलू बाजार में स्थिरता लाने की दिशा में एक अहम फैसला माना जा रहा है। आगामी दिनों में ग्राहकों को तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है।

Related Articles

Back to top button