हरियाणा विधानसभा: सैनी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव मंजूर, कल होगी चर्चा

Lucknow Focus News Desk: हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को सदन की दूसरी बैठक (सिटिंग) के दौरान विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सत्र के पहले दिन की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री नायब सैनी सत्र के पहले दिन केसरिया पगड़ी पहनकर सदन पहुंचे। उन्होंने सदन में शोक प्रस्ताव पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष बनने पर बधाई देते हुए शायराना अंदाज में कहा “हवाएं लाख मुखालिफ हों, दीया वही जलेगा जो जिद पर अड़ा है।”
कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक के अनुसार, सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कुल तीन बैठकें होंगी।
छात्रवृत्ति और शिक्षा पर अहम जानकारी
सत्र के दौरान नूंह विधायक आफताब अहमद के प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने छात्रवृत्ति के आंकड़े पेश किए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नवंबर 2025 तक अनुसूचित जाति के करीब 2.63 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है।
कक्षा 9वीं से 12वीं के लगभग 12 हजार और कक्षा 1 से 8वीं के करीब 74 हजार छात्रों का भुगतान अभी भी प्रक्रिया में है।
नूंह जिले में भी हजारों छात्रों को लाभ मिला है, जबकि कुछ का भुगतान लंबित है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि स्कूल-वार सूची तैयार है और जल्द भुगतान किया जाएगा।
पक्ष-विपक्ष की रस्साकशी
सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पलटवार करते हुए कहा कि नियमानुसार 6 महीने के भीतर सत्र बुलाना अनिवार्य होता है, लेकिन सरकार ने समय से पहले ही शीतकालीन सत्र बुलाया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान सत्र की अवधि और संख्या काफी कम रहती थी।